CLASS 6 . HINDI . मल्हार . पुष्प की-अभिलाषा-माखनलाल-चतुर्वेदी
Chapter 2 : पुष्प की अभिलाषा (माखनलाल चतुर्वेदी)
Ch 2
HINDI
CLASS 6
पुष्प की अभिलाषा
"पुष्प की अभिलाषा" माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा रचित एक प्रसिद्ध कविता है जो देशभक्ति और बलिदान की भावना को प्रकट करती है। इस कविता में कवि ने पुष्प (फूल) की इच्छा व्यक्त की है कि वह जीवन में किस प्रकार उपयोगी और सार्थक बनना चाहता है। पुष्प चाहता है कि उसे केवल सजावट या गहनों में बंधने के लिए न तोड़ा जाए, बल्कि उसे वीरों के पथ में तोड़ा जाए जो मातृभूमि की रक्षा करते हैं।
मुख्य बिंदु
- फूल की असली अभिलाषा केवल शोभा या गहनों में बंधने की नहीं है।
- फूल को प्रेमी-माला या सम्राटों के शव पर चढ़ाने की इच्छा नहीं है।
- फूल चाहता है कि उसे वीरों के पथ में तोड़ा जाए, जो मातृभूमि के लिए बलिदान देते हैं।
- यह कविता देशभक्ति, बलिदान और जीवन के उद्देश्य को दर्शाती है।
पाठ्य प्रमाण / उदाहरण
चाह नहीं, मैं सुरबाला के गहनों में गूँथा जाऊँ,
चाह नहीं, प्रेमी-माला में बिंध प्यारी को ललचाऊँ,
चाह नहीं, सम्राटों के शव पर हे हरि डाला जाऊँ,
चाह नहीं, देवों के सिर पर चढूँ भाग्य पर इठलाऊँ,
मुझे तोड़ देना वनमाली!
उस पथ में देना तुम फेंक।
मातृ-भूमि पर शीश चढ़ाने,
जिस पथ जावें वीर अनेक।
अभ्यास प्रश्न
- स्तर 1 – सरल: पुष्प की अभिलाषा क्या है?
- स्तर 2 – मध्यम: कवि पुष्प के माध्यम से क्या संदेश देना चाहते हैं?
- स्तर 3 – कठिन: "पुष्प की अभिलाषा" कविता में देशभक्ति की भावना कैसे प्रकट हुई है? विस्तार से लिखिए।
उत्तर कुंजी
- पुष्प की अभिलाषा है कि उसे केवल सजावट के लिए नहीं, बल्कि वीरों के पथ में तोड़ा जाए।
- कवि संदेश देते हैं कि जीवन का उद्देश्य केवल सुंदरता नहीं, बल्कि देश और समाज की सेवा होना चाहिए।
- कविता में पुष्प की इच्छा से देशभक्ति और बलिदान की भावना स्पष्ट होती है, जो वीरों के लिए समर्पित है।
त्वरित संदर्भ
- लेखक: माखनलाल चतुर्वेदी
- कविता का विषय: देशभक्ति, बलिदान, जीवन का उद्देश्य
- मुख्य भाव: पुष्प की असली अभिलाषा वीरों के पथ में समर्पित होना है।
शब्दावली
- सुरबाला: सुगंधित माला
- प्रेमी-माला: प्रेमी द्वारा गले में पहनी जाने वाली माला
- सम्राट: राजा या शासक
- वनमाली: वन का माली, जो फूल तोड़ता है
- मातृ-भूमि: जन्मभूमि, देश
- शीश चढ़ाना: बलिदान देना