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Chapter 12 : असम का सुप्रसिद्ध मूँगा सिल्क (बिमल श्रीवास्तव)
Ch 12
HINDI
CLASS 6
परिचय
असम का सुप्रसिद्ध मूँगा सिल्क असम और देश के पूर्वोत्तर राज्यों में बनने वाला एक अनमोल और विशिष्ट रेशमी कपड़ा है। यह कपड़ा अपनी चमकीली भूरे-सुनहरे रंगत और पारंपरिक कढ़ाई के लिए जाना जाता है। मूँगा सिल्क की साड़ियों और कपड़ों की खासियत यह है कि ये टिकाऊ, मजबूत और सौंदर्यपूर्ण होते हैं।
मुख्य बिंदु
- मूँगा सिल्क का रंग भूरे से सुनहरे रंग के बीच होता है, जो झिलमिलाता हुआ दिखता है।
- यह कपड़ा केवल असम और पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में ही तैयार होता है।
- मूँगा का असमिया भाषा में अर्थ पीला या गहरा भूरा होता है।
- मूँगा सिल्क सबसे महँगा और मजबूत रेशमी कपड़ा माना जाता है।
- मूँगा सिल्क की साड़ियों को घर पर धोया जा सकता है, इन्हें ड्राई क्लीन कराने की आवश्यकता नहीं होती।
- यह कपड़ा औषधीय गुणों से भी युक्त माना जाता है।
- मूँगा सिल्क की साड़ियों की उम्र लगभग 50 वर्ष तक होती है।
पाठ्य प्रमाण
"यह असम का सुप्रसिद्ध मूँगा सिल्क है जो सभी प्रकार के रेशमों में सबसे महँगा होता है।"
"मूँगा सिल्क के कपड़ों में अनेक औषधीय गुण भी होते हैं।"
हल किए गए उदाहरण
प्रश्न: मूँगा सिल्क की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
उत्तर: मूँगा सिल्क की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह केवल असम और पूर्वोत्तर राज्यों में ही बनता है और यह सबसे महँगा तथा मजबूत रेशमी कपड़ा है।
अभ्यास प्रश्न
- सरल: मूँगा सिल्क का रंग कैसा होता है?
- मध्यम: मूँगा सिल्क की साड़ियों की देखभाल कैसे की जाती है?
- कठिन: मूँगा सिल्क के औषधीय गुणों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर कुंजी
- मूँगा सिल्क का रंग भूरे-सुनहरे रंग का होता है।
- मूँगा सिल्क की साड़ियों को घर पर धोया जा सकता है, ड्राई क्लीन की आवश्यकता नहीं होती।
- मूँगा सिल्क के कपड़ों में औषधीय गुण होते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
त्वरित संदर्भ
- मूँगा सिल्क असम का विशिष्ट रेशमी कपड़ा है।
- यह कपड़ा टिकाऊ और मजबूत होता है।
- साड़ियों की देखभाल आसान होती है।
- औषधीय गुणों से युक्त होने के कारण यह विशेष माना जाता है।
शब्दावली
- मूँगा: असमिया भाषा में पीला या गहरा भूरा रंग।
- रेशम: सिल्क, एक प्रकार का मुलायम और चमकीला कपड़ा।
- कढ़ाई: कपड़े पर सुई और धागे से सजावट करना।
- ड्राई क्लीन: बिना पानी के कपड़े की सफाई।
- औषधीय गुण: स्वास्थ्य लाभ देने वाले गुण।
लेखक परिचय
बिमल श्रीवास्तव एक प्रसिद्ध लेखक हैं जिनका यह लेख असम के मूँगा सिल्क की विशेषताओं और सांस्कृतिक महत्व को दर्शाता है। उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से इस कपड़े की महत्ता और असम की सांस्कृतिक विरासत को उजागर किया है।
मुख्य बिंदु
- लेखक ने गुवाहाटी हवाई अड्डे पर अपनी नियुक्ति के दौरान मूँगा सिल्क के बारे में जाना।
- उन्होंने असम के विवाह समारोह में मूँगा सिल्क की साड़ियों और कपड़ों को देखा।
- लेखक ने अपने मित्र से मूँगा सिल्क की विशेषताओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
- लेखक ने मूँगा सिल्क के औषधीय गुणों और टिकाऊपन पर प्रकाश डाला।
पाठ्य प्रमाण
"मित्र ने बताया कि यह भूरा नहीं बल्कि सुनहरा है। यह असम का सुप्रसिद्ध मूँगा सिल्क है जो सभी प्रकार के रेशमों में सबसे महँगा होता है।"
हल किए गए उदाहरण
प्रश्न: लेखक ने मूँगा सिल्क के बारे में जानकारी कैसे प्राप्त की?
उत्तर: लेखक ने अपने असमी मित्र से मूँगा सिल्क के बारे में पूछा और उससे इसकी विशेषताएँ जानी।
अभ्यास प्रश्न
- सरल: लेखक ने मूँगा सिल्क के बारे में पहली बार कहाँ देखा?
- मध्यम: लेखक ने मूँगा सिल्क की कौन-कौन सी विशेषताएँ बताई हैं?
- कठिन: लेखक के अनुभवों के आधार पर मूँगा सिल्क की सांस्कृतिक महत्ता पर चर्चा कीजिए।
उत्तर कुंजी
- लेखक ने मूँगा सिल्क को गुवाहाटी हवाई अड्डे पर पहली बार देखा।
- मूँगा सिल्क की चमकीली रंगत, टिकाऊपन, औषधीय गुण और असम की सांस्कृतिक पहचान लेखक ने बताई।
- मूँगा सिल्क असम की सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और यह स्थानीय लोगों की पहचान को दर्शाता है।
त्वरित संदर्भ
- बिमल श्रीवास्तव ने मूँगा सिल्क की विशेषताओं को अपने अनुभवों के माध्यम से प्रस्तुत किया।
- लेखक ने असम की सांस्कृतिक विरासत को उजागर किया।
शब्दावली
- नियुक्ति: किसी पद पर नियुक्त होना।
- सुप्रसिद्ध: बहुत प्रसिद्ध।
- सांस्कृतिक विरासत: किसी क्षेत्र की परंपरागत सांस्कृतिक धरोहर।
मूँगा सिल्क की विशेषताएँ
मूँगा सिल्क की सबसे बड़ी विशेषता इसकी चमकीली सुनहरी रंगत, मजबूती और टिकाऊपन है। यह कपड़ा अन्य रेशमी कपड़ों से अलग है क्योंकि इसे घर पर धोया जा सकता है और इसकी चमक धुलाई के बाद और बढ़ जाती है। मूँगा सिल्क की साड़ियों की उम्र लगभग 50 वर्ष तक होती है। इसके अलावा, इसे गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में पहना जा सकता है। असम के लोग इसे औषधीय गुणों से युक्त मानते हैं जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होते हैं।
मुख्य बिंदु
- मूँगा सिल्क की चमकीली सुनहरी रंगत।
- मजबूत और टिकाऊ कपड़ा।
- घर पर धोने योग्य, ड्राई क्लीन की आवश्यकता नहीं।
- धुलाई के बाद निखार बढ़ना।
- लगभग 50 वर्ष तक टिकाऊ।
- गर्मी और सर्दी दोनों मौसमों में पहनने योग्य।
- औषधीय गुणों से युक्त।
पाठ्य प्रमाण
"मूँगा सिल्क की साड़ियों की एक खूबी यह है कि अन्य रेशमी कपड़ों के विपरीत इनको 'ड्राई क्लीन' कराने की आवश्यकता नहीं होती है, बल्कि उन्हें घर पर ही धोया जा सकता है।"
हल किए गए उदाहरण
प्रश्न: मूँगा सिल्क की साड़ियों की देखभाल कैसे की जाती है?
उत्तर: मूँगा सिल्क की साड़ियों को घर पर धोया जा सकता है, इन्हें ड्राई क्लीन कराने की आवश्यकता नहीं होती और हर धुलाई के बाद इनका निखार बढ़ता है।
अभ्यास प्रश्न
- सरल: मूँगा सिल्क की साड़ियों को धोने के लिए क्या करना चाहिए?
- मध्यम: मूँगा सिल्क की टिकाऊपन और मजबूती पर प्रकाश डालिए।
- कठिन: मूँगा सिल्क के औषधीय गुणों और उनके महत्व पर विस्तार से चर्चा कीजिए।
उत्तर कुंजी
- मूँगा सिल्क की साड़ियों को घर पर धोया जा सकता है, ड्राई क्लीन की आवश्यकता नहीं होती।
- यह कपड़ा बहुत मजबूत और टिकाऊ होता है, जिसकी उम्र लगभग 50 वर्ष तक होती है।
- मूँगा सिल्क के औषधीय गुण स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं, जो इसे विशेष बनाते हैं।
त्वरित संदर्भ
- मूँगा सिल्क की साड़ियों की देखभाल आसान है।
- यह कपड़ा टिकाऊ और मजबूत होता है।
- औषधीय गुणों के कारण यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।
शब्दावली
- टिकाऊ: जो लंबे समय तक बना रहे।
- निखार: चमक या सुंदरता।
- औषधीय गुण: स्वास्थ्य लाभ देने वाले गुण।
