CLASS 6 . HINDI . मल्हार . मैया मैं-नहिं-माखन-खायो-पद-सूरदास
Chapter 13 : मैया मैं नहिं माखन खायो (पद) सूरदास
Ch 13
HINDI
CLASS 6
कवि से परिचय
यह पद सूरदास द्वारा रचित है, जिनका जन्म 15वीं शताब्दी में हुआ था। सूरदास ने अपना अधिकांश जीवन मथुरा, गोवर्धन और ब्रज के क्षेत्रों में श्रीकृष्ण के गुणगान में भजन गाते हुए बिताया। उनकी रचनाएँ ब्रजभाषा में हैं और आज भी अत्यंत लोकप्रिय हैं। उनकी कविताओं में श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का मनोहारी वर्णन मिलता है। सूरदास को उनकी उत्कृष्ट रचनाओं के कारण महाकवि कहा जाता है। उनकी मृत्यु 16वीं शताब्दी में हुई।
मुख्य बिंदु
- सूरदास का जीवन और काल
- ब्रजभाषा में रचनाएँ
- श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का वर्णन
- महाकवि के रूप में सम्मान
पाठ्य प्रमाण
"सूरदास ने अपना अधिकांश जीवन मथुरा, गोवर्धन सहित ब्रज के क्षेत्रों में श्रीकृष्ण के गुणगान में भजन गाते हुए बिताया।"
अभ्यास प्रश्न
- सूरदास का जीवन परिचय लिखिए। (सरल)
- सूरदास की रचनाओं की भाषा कौन सी थी? (मध्यम)
- सूरदास की कविताओं में मुख्य विषय क्या है? (कठिन)
उत्तर कुंजी
- सूरदास 15वीं शताब्दी के कवि थे, जिन्होंने ब्रज क्षेत्र में श्रीकृष्ण की भक्ति में जीवन बिताया।
- उनकी रचनाएँ ब्रजभाषा में हैं।
- उनकी कविताओं में श्रीकृष्ण की बाल-लीलाओं का मनोहारी वर्णन मुख्य विषय है।
शब्दावली
- भजन: धार्मिक गीत
- ब्रजभाषा: ब्रज क्षेत्र की स्थानीय भाषा
- लीला: खेल या क्रीड़ा
- महाकवि: महान कवि
मैया मैं नहिं माखन खायो
यह पद सूरदास की प्रसिद्ध रचना है जिसमें बाल कृष्ण अपनी माता यशोदा से कहता है कि उसने माखन नहीं खाया। पद में कृष्ण की मासूमियत और शरारत का सुंदर चित्रण है। पद में कृष्ण अपनी दिनचर्या का वर्णन करता है और माता को मनाने की कोशिश करता है।
मुख्य बिंदु
- पद का भाव: बाल कृष्ण की मासूम शरारत
- भाषा: सरल और भावपूर्ण ब्रजभाषा
- रचना की शैली: संवादात्मक और भावपूर्ण
- कृष्ण और यशोदा के बीच संवाद
पाठ्य प्रमाण / उदाहरण
"मैया मैं नहिं माखन खायो।"
"चार पहर बंसीवट भटक्यो, साँझ परे घर आयो।।"
हल किए गए उदाहरण
प्रश्न: पद में कृष्ण क्या कहना चाहता है?
उत्तर: कृष्ण अपनी मासूमियत दिखाते हुए कहता है कि उसने माखन नहीं खाया और दिन भर बंसीवट (गाय चराने) में व्यस्त रहा।
अभ्यास प्रश्न
- पद का मुख्य भाव क्या है? (सरल)
- पद में कृष्ण ने दिन भर क्या किया? (मध्यम)
- पद में कृष्ण और यशोदा के संवाद का महत्व समझाइए। (कठिन)
उत्तर कुंजी
- पद में बाल कृष्ण की मासूम शरारत का वर्णन है।
- कृष्ण दिन भर बंसीवट भटकता रहा।
- संवाद से माता-पुत्र के प्रेम और विश्वास का भाव प्रकट होता है।
शब्दावली
- माखन: मक्खन
- भोर: सुबह
- बंसीवट: गाय चराने वाला स्थान
- झपटायो: झपटना, पकड़ना
- लकुटि कमरिया: लकड़ी का कमरबंध
