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परीक्षा-कहानी-प्रेमचंद

CLASS 6 . HINDI . मल्हार . परीक्षा कहानी-प्रेमचंद

Chapter 14 : परीक्षा (कहानी) प्रेमचंद

Ch 14

HINDI

CLASS 6

लेखक से परिचय

प्रेमचंद हिंदी साहित्य के एक महान लेखक और कथा-सम्राट के रूप में विख्यात हैं। उनका वास्तविक नाम धनपतराय था। उन्होंने समाज सुधार और राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत कई कहानियाँ और उपन्यास लिखे। उनकी कहानियाँ जैसे ईदगाह, बड़े भाईसाहब, गुल्ली डंडा, दो बैलों की कथा आदि बच्चों और बड़ों के बीच अत्यंत लोकप्रिय हैं।

मुख्य बिंदु

  • प्रेमचंद का असली नाम धनपतराय।
  • समाज सुधार और राष्ट्रीय भावना से प्रेरित लेखन।
  • प्रसिद्ध कहानियाँ: ईदगाह, बड़े भाईसाहब, गुल्ली डंडा, दो बैलों की कथा।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"हिंदी के एक महान लेखक और कथा-सम्राट के नाम से प्रसिद्ध प्रेमचंद का वास्तविक नाम धनपतराय था। उन्होंने समाज-सुधार और राष्ट्रीय भावना से ओत-प्रोत कई कहानियाँ और उपन्यास लिखे।"

हल किए गए उदाहरण

प्रश्न: प्रेमचंद का असली नाम क्या था?
उत्तर: प्रेमचंद का असली नाम धनपतराय था।

प्रश्न: प्रेमचंद की कहानियों में मुख्य विषय क्या होते हैं?
उत्तर: उनकी कहानियों में समाज सुधार और राष्ट्रीय भावना मुख्य विषय होते हैं।

अभ्यास प्रश्न

  • प्रेमचंद का असली नाम क्या था?
  • प्रेमचंद की कहानियों में मुख्य विषय क्या होते हैं?
  • ईदगाह कहानी किस विषय पर आधारित है?

उत्तर कुंजी

  • प्रेमचंद का असली नाम धनपतराय था।
  • उनकी कहानियों में समाज सुधार और राष्ट्रीय भावना मुख्य विषय होते हैं।
  • ईदगाह कहानी एक बच्चे की दयालुता और त्याग पर आधारित है।

त्वरित संदर्भ

  • प्रेमचंद: हिंदी के प्रसिद्ध कथा-सम्राट।
  • धनपतराय: प्रेमचंद का वास्तविक नाम।
  • समाज सुधार: समाज में सुधार लाने की प्रक्रिया।
  • राष्ट्रीय भावना: देशभक्ति की भावना।

शब्दावली

  • कथा-सम्राट: कहानी का सम्राट, महान कहानीकार।
  • समाज सुधार: समाज में सुधार लाने की प्रक्रिया।
  • राष्ट्रीय भावना: देशभक्ति की भावना।

परीक्षा

यह कहानी रियासत देवगढ़ के दीवान सरदार सुजानसिंह की सेवा और उनके स्थान पर नए दीवान की नियुक्ति के लिए आयोजित परीक्षा के इर्द-गिर्द घूमती है। बूढ़े दीवान ने सेवा से निवृत्ति लेने का निर्णय लिया और नए योग्य दीवान की तलाश के लिए विज्ञापन निकाला गया। देश के विभिन्न भागों से अनेक उम्मीदवार परीक्षा में भाग लेने आए। परीक्षा के दौरान उम्मीदवारों के आचार-व्यवहार और स्वभाव की जांच की गई। एक दिन हॉकी खेल के दौरान एक किसान की गाड़ी दलदल में फंस जाती है, जिसे केवल एक घायल युवक ही निकाल पाता है। अंत में यह युवक जानकीनाथ को दीवानी पद प्राप्त होता है, क्योंकि उसने साहस, दया और आत्मबल का परिचय दिया।

मुख्य बिंदु

  • दीवान की सेवा से निवृत्ति और नए दीवान की तलाश।
  • उम्मीदवारों की परीक्षा और आचार-व्यवहार की जांच।
  • हॉकी खेल के दौरान किसान की सहायता।
  • जानकीनाथ का चयन, जो साहस और दया का परिचय देता है।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"सरदार सुजानसिंह ने कहा, 'हृदय वह जो उदार हो, आत्मबल वह जो आपत्ति का वीरता के साथ सामना करे।'"

हल किए गए उदाहरण

प्रश्न: जानकीनाथ को दीवानी पद क्यों मिला?
उत्तर: जानकीनाथ को दीवानी पद इसलिए मिला क्योंकि उसने साहस, दया और आत्मबल का परिचय दिया। वह घायल होने के बावजूद किसान की गाड़ी दलदल से निकालने में मदद करता है, जो उसकी उदारता और निष्ठा को दर्शाता है।

अभ्यास प्रश्न

  • दीवान की सेवा से निवृत्ति का कारण क्या था?
  • उम्मीदवारों की परीक्षा में किन गुणों की जांच की गई?
  • जानकीनाथ ने किसान की कैसे सहायता की?
  • कहानी का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर कुंजी

  • दीवान बूढ़े हो गए थे और राज-काज संभालने की शक्ति नहीं रही।
  • उम्मीदवारों के रहन-सहन, आचार-विचार, दया, साहस और आत्मबल की जांच की गई।
  • जानकीनाथ ने घायल होने के बावजूद किसान की गाड़ी दलदल से निकालने में मदद की।
  • कहानी का मुख्य संदेश है कि दया, साहस और आत्मबल व्यक्ति को श्रेष्ठ बनाते हैं।

त्वरित संदर्भ

  • दीवान: रियासत का उच्च अधिकारी।
  • साहस: डर के बिना कार्य करने की क्षमता।
  • उदारता: दूसरों के प्रति दयालु और सहानुभूतिपूर्ण होना।
  • आत्मबल: आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति।

शब्दावली

  • दीवान: रियासत का उच्च अधिकारी।
  • साहस: डर के बिना कार्य करने की क्षमता।
  • उदारता: दूसरों के प्रति दयालु और सहानुभूतिपूर्ण होना।
  • आत्मबल: आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति।