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जलाते-चलो-कविता-द्वारिका-प्रसाद-माहेश्वरी

CLASS 6 . HINDI . मल्हार . जलाते चलो-कविता-द्वारिका-प्रसाद-माहेश्वरी

Chapter 10 : जलाते चलो (कविता) द्वारिका प्रसाद 'माहेश्वरी'

Ch 10

HINDI

CLASS 6

कवि से परिचय

यह कविता हिंदी के प्रसिद्ध कवि द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी द्वारा रचित है। वे बाल साहित्य के प्रमुख रचनाकार हैं और बच्चों के लिए अनेक लोकप्रिय रचनाएँ लिखी हैं। उनकी रचनाओं में "हम सब सुमन एक उपवन के" जैसे गीत आज भी बहुत प्रसिद्ध हैं।

मुख्य बिंदु

  • द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी का बाल साहित्य में योगदान।
  • उनकी लोकप्रिय रचनाएँ।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"हम सब सुमन एक उपवन के" गीत उनकी प्रसिद्ध रचनाओं में से एक है।

अभ्यास प्रश्न

  • द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी के बाल साहित्य में योगदान पर संक्षिप्त टिप्पणी करें।
  • उनकी कौन-सी रचना आपको सबसे अधिक पसंद आई और क्यों?

उत्तर कुंजी

1. द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी ने बाल साहित्य में अनेक रचनाएँ लिखीं जो बच्चों के लिए प्रेरणादायक और सरल भाषा में हैं।
2. छात्र अपनी पसंद के अनुसार उत्तर दे सकते हैं, उदाहरण स्वरूप "हम सब सुमन एक उपवन के" गीत।

शब्दावली

  • बाल साहित्य: बच्चों के लिए लिखी गई साहित्यिक रचनाएँ।
  • रचनाकार: लेखक या कवि।

जलाते चलो

यह कविता स्नेह और आशा की भावना को उजागर करती है। कवि कहते हैं कि हमें निरंतर प्रेम और स्नेह के दीप जलाते रहना चाहिए ताकि अंधकार मिटे और उजाला फैले। विज्ञान की शक्ति के बावजूद भी विश्व में अंधकार है, इसलिए स्नेह के दीप जलाना आवश्यक है।

मुख्य बिंदु

  • स्नेह और प्रेम का महत्व।
  • अंधकार और उजाले का प्रतीकात्मक अर्थ।
  • दीपक और तिमिर की रूपक भाषा।
  • विश्व में निरंतर आशा बनाए रखने का संदेश।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"जलाते चलो ये दिये स्नेह भर-भर, कभी तो धरा का अँधेरा मिटेगा।"

हल किए गए उदाहरण

प्रश्न: कविता में "दीपक" और "तिमिर" का क्या अर्थ है?
उत्तर: दीपक स्नेह और प्रेम का प्रतीक है, जबकि तिमिर अंधकार और कठिनाइयों का प्रतीक है।

अभ्यास प्रश्न

  • स्तर 1 – सरल: कविता का मुख्य संदेश क्या है?
  • स्तर 2 – मध्यम: कविता में विज्ञान और स्नेह के बीच क्या तुलना की गई है?
  • स्तर 3 – कठिन: "दीपक और तिमिर" की रूपक भाषा पर विस्तार से चर्चा करें।

उत्तर कुंजी

1. कविता का मुख्य संदेश है कि हमें प्रेम और स्नेह के दीप जलाते रहना चाहिए ताकि अंधकार मिटे।
2. विज्ञान में शक्ति है जो अंधकार को मिटा सकती है, परन्तु आज भी विश्व में अंधकार है इसलिए स्नेह के दीप जलाना आवश्यक है।
3. दीपक स्नेह का प्रतीक है जो अंधकार (तिमिर) को दूर करता है। यह रूपक जीवन में आशा और प्रेम की निरंतरता को दर्शाता है।

त्वरित संदर्भ

  • स्नेह: प्रेम और करुणा की भावना।
  • तिमिर: अंधकार, कठिनाई।
  • दीपक: प्रकाश देने वाला, आशा का प्रतीक।

शब्दावली

  • अमावस: चंद्रमा का वह चरण जब वह पूरी तरह अंधकार में होता है।
  • पूर्णिमा: चंद्रमा का पूर्ण प्रकाश वाला चरण।
  • तिमिर: अंधकार।
  • दीपक: दीप जलाने वाला।
  • स्नेह: प्रेम।