hindi/
गोल-संस्मरण-मेजर-ध्यानचंद

CLASS 6 . HINDI . मल्हार . गोल संस्मरण-मेजर-ध्यानचंद

Chapter 3 : गोल (संस्मरण) मेजर ध्यानचंद

Ch 3

HINDI

CLASS 6

लेखक से परिचय

यह पाठ प्रसिद्ध हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद की आत्मकथा से लिया गया है। मेजर ध्यानचंद को 'हॉकी के जादूगर' के नाम से जाना जाता है। उनका जन्म 1905 में प्रयाग में हुआ था और वे भारतीय सेना में लांस नायक थे। उन्होंने 1936 के बर्लिन ओलंपिक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। उनके जीवन और खेल भावना से प्रेरणा लेकर भारत में उनका जन्मदिन राष्ट्रीय खेल दिवस के रूप में मनाया जाता है।

मुख्य बिंदु

  • मेजर ध्यानचंद का जन्म और प्रारंभिक जीवन
  • सेना में भर्ती और हॉकी में रुचि
  • 1936 बर्लिन ओलंपिक में कप्तान के रूप में भागीदारी
  • खेल भावना और सफलता के मंत्र

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"मेरे पास सफलता का कोई गुरु-मंत्र तो है नहीं। हर किसी से यही कहता कि लगन, साधना और खेल भावना ही सफलता के सबसे बड़े मंत्र हैं।"

हल किए गए उदाहरण

सन् 1933 में पंजाब रेजिमेंट और सैंपर्स एंड माइनर्स टीम के बीच मुकाबले में मेजर ध्यानचंद ने छह गोल किए और खेल भावना का परिचय दिया।

अभ्यास प्रश्न

  • सरल: मेजर ध्यानचंद को हॉकी का जादूगर क्यों कहा जाता है?
  • मध्यम: मेजर ध्यानचंद ने खेल भावना को कैसे दर्शाया?
  • कठिन: मेजर ध्यानचंद के जीवन से हमें क्या प्रेरणा मिलती है?

उत्तर कुंजी

  • वे अपने अद्भुत हॉकी कौशल और खेल भावना के कारण हॉकी के जादूगर कहे जाते हैं।
  • उन्होंने अपने विरोधी खिलाड़ी को चोट लगने के बाद भी दोस्ताना व्यवहार किया और बदला खेल के माध्यम से लिया।
  • लगन, साधना और खेल भावना से सफलता प्राप्त की जा सकती है।

त्वरित संदर्भ

मेजर ध्यानचंद - हॉकी के जादूगर, 1936 बर्लिन ओलंपिक, राष्ट्रीय खेल दिवस, खेल रत्न पुरस्कार।

शब्दावली

  • संस्मरण: जीवन की यादों का लेखन
  • रेजिमेंट: सेना की एक इकाई
  • खेल भावना: खेल में ईमानदारी और सम्मान
  • कप्तान: टीम का नेता

गोल का सारांश और विश्लेषण

यह पाठ मेजर ध्यानचंद के जीवन के एक महत्वपूर्ण अनुभव पर आधारित है जिसमें उन्होंने खेल के मैदान में हुई एक घटना का वर्णन किया है। इस घटना में एक विरोधी खिलाड़ी ने उन्हें चोट पहुंचाई, लेकिन मेजर ध्यानचंद ने खेल भावना दिखाते हुए बदला खेल के माध्यम से लिया। उन्होंने बताया कि खेल में हार-जीत व्यक्तिगत नहीं होती, बल्कि पूरे देश की होती है।

मुख्य बिंदु

  • खेल के मैदान की घटनाएँ और प्रतिस्पर्धा
  • खेल भावना का महत्व
  • मेजर ध्यानचंद की सफलता का रहस्य
  • 1936 के बर्लिन ओलंपिक में स्वर्ण पदक

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"मैंने एक के बाद एक झटपट छह गोल कर दिए। खेल खत्म होने के बाद मैंने फिर उस खिलाड़ी की पीठ थपथपाई और कहा, 'दोस्त, खेल में इतना गुस्सा अच्छा नहीं।'"

हल किए गए उदाहरण

मेजर ध्यानचंद ने चोट लगने के बाद भी मैदान में वापसी की और अपने विरोधी को खेल के माध्यम से परास्त किया।

अभ्यास प्रश्न

  • सरल: मेजर ध्यानचंद ने खेल भावना कैसे दिखाई?
  • मध्यम: बर्लिन ओलंपिक में मेजर ध्यानचंद की भूमिका क्या थी?
  • कठिन: इस पाठ से हमें क्या सीख मिलती है?

उत्तर कुंजी

  • उन्होंने चोट लगने के बाद भी विरोधी खिलाड़ी के प्रति मित्रता और सम्मान दिखाया।
  • वे टीम के कप्तान थे और भारत को स्वर्ण पदक दिलाया।
  • खेल में हार-जीत से बड़ा खेल भावना और देश के लिए समर्पण है।

त्वरित संदर्भ

खेल भावना, बर्लिन ओलंपिक, स्वर्ण पदक, मेजर ध्यानचंद की सफलता।

शब्दावली

  • झटपट: तुरंत, तेजी से
  • पीठ थपथपाना: प्रोत्साहन देना
  • सौहार्द: मित्रता

भारतीय हॉकी टीम ने 1936 के बर्लिन ओलंपिक में जीत दर्ज की।

एक दौड़ ऐसी भी का सारांश और शिक्षा

यह पाठ एक विशेष दौड़ की घटना बताता है जिसमें शारीरिक विकलांगता वाले नौ प्रतिभागी भाग ले रहे थे। दौड़ के दौरान एक छोटा लड़का गिर गया, तब सभी प्रतिभागी उसकी मदद के लिए रुके और अंत में सभी ने मिलकर दौड़ पूरी की। निर्णायकों ने सभी को स्वर्ण पदक देकर मित्रता और सहयोग का संदेश दिया।

मुख्य बिंदु

  • शारीरिक विकलांगता के बावजूद प्रतिभागियों की हिम्मत
  • मित्रता और सहयोग का महत्व
  • सभी को समान सम्मान देना
  • जीत से बढ़कर मानवता

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"सभी, बस एक छोटे से लड़के को छोड़कर। तभी छोटा लड़का ठोकर खाकर लड़खड़ाया, गिरा और रो पड़ा।"

हल किए गए उदाहरण

प्रतिभागियों ने दौड़ रोककर गिरे हुए बच्चे की मदद की और सभी ने मिलकर दौड़ पूरी की।

अभ्यास प्रश्न

  • सरल: दौड़ में प्रतिभागियों ने गिरे हुए बच्चे की कैसे मदद की?
  • मध्यम: इस घटना से हमें क्या शिक्षा मिलती है?
  • कठिन: निर्णायकों ने सभी को स्वर्ण पदक क्यों दिया?

उत्तर कुंजी

  • उन्होंने दौड़ रोककर बच्चे को उठाया, उसके आँसू पोंछे और दौड़ फिर से शुरू की।
  • मित्रता, सहयोग और समानता का महत्व समझाया।
  • क्योंकि सभी ने मिलकर दौड़ पूरी की और सभी की जीत समान थी।

त्वरित संदर्भ

मित्रता, सहयोग, समानता, शारीरिक विकलांगता, स्वर्ण पदक।

शब्दावली

  • प्रतिभागी: प्रतियोगिता में भाग लेने वाला
  • ठोकर: ठोकर लगना, गिरना
  • मंत्रमुग्ध: बहुत प्रभावित होना