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विशेष-लेखन-स्वरूप-और-प्रकार

CLASS 12-PCM . HINDI . अभिव्यक्ति और माध्यम भाग 2 . विशेष लेखन-स्वरूप-और-प्रकार

Chapter 3 : विशेष लेखन— स्वरूप और प्रकार

Ch 3

HINDI

CLASS 12-PCM

विशेष लेखन का परिचय

विशेष लेखन का अर्थ है किसी विशेष विषय या क्षेत्र पर सामान्य लेखन से हटकर, विशेषज्ञता के साथ किया गया लेखन। यह लेखन समाचारपत्रों, पत्रिकाओं, टीवी और रेडियो जैसे जनसंचार माध्यमों में अलग डेस्कों पर होता है जहाँ काम करने वाले पत्रकार उस क्षेत्र के विशेषज्ञ होते हैं। विशेष लेखन में न केवल विषय की गहरी जानकारी होती है बल्कि उसकी रिपोर्टिंग की भाषा और शैली पर भी पूरा अधिकार होता है।

मुख्य बिंदु

  • बीट रिपोर्टिंग और विशेषज्ञीकृत रिपोर्टिंग में अंतर।
  • विशेष लेखन की भाषा और शैली की विशेषताएँ।
  • पत्रकारों की विशेषज्ञता और उनके स्रोत।
  • विशेष लेखन के प्रकार: रिपोर्टिंग, फीचर, टिप्पणी, साक्षात्कार, समीक्षा, स्तंभ लेखन।

पाठ्य प्रमाण

"विशेष लेखन केवल बीट रिपोर्टिंग नहीं है। यह बीट रिपोर्टिंग से आगे एक तरह की विशेषज्ञीकृत रिपोर्टिंग है जिसमें न सिर्फ़ उस विषय की गहरी जानकारी होनी चाहिए बल्कि उसकी रिपोर्टिंग से संबंधित भाषा और शैली पर भी आपका पूरा अधिकार होना चाहिए।"

हल किए गए उदाहरण

शेयर बाजार की गिरावट पर सामान्य रिपोर्ट और विशेषज्ञीकृत रिपोर्ट में अंतर समझाना।

अभ्यास प्रश्न

  • स्तर 1: विशेष लेखन क्या है? इसे सामान्य लेखन से कैसे अलग किया जा सकता है?
  • स्तर 2: बीट रिपोर्टिंग और विशेषज्ञीकृत रिपोर्टिंग में क्या अंतर है? उदाहरण सहित समझाइए।
  • स्तर 3: किसी विशेष क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए पत्रकार को किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर कुंजी

विशेष लेखन वह लेखन है जो किसी विशेष विषय पर गहराई से और विशेषज्ञता के साथ किया जाता है। बीट रिपोर्टिंग सामान्य खबरों की रिपोर्टिंग होती है जबकि विशेषज्ञीकृत रिपोर्टिंग में विषय का विश्लेषण और अर्थ स्पष्ट किया जाता है। विशेषज्ञता के लिए विषय की गहरी जानकारी, निरंतर अध्ययन, स्रोतों का विकास और भाषा शैली पर अधिकार आवश्यक है।

त्वरित संदर्भ

  • विशेष लेखन = विशेषज्ञता + विश्लेषण
  • बीट रिपोर्टिंग = सामान्य खबरें
  • विशेष लेखन के प्रकार: रिपोर्ट, फीचर, टिप्पणी, साक्षात्कार, समीक्षा, स्तंभ

शब्दावली

  • बीट: पत्रकार का कार्यक्षेत्र
  • विशेषज्ञीकृत रिपोर्टिंग: गहराई से विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग
  • फीचर: विषय पर विस्तृत लेख
  • स्तंभ लेखन: नियमित लेख

विशेष लेखन के क्षेत्र

विशेष लेखन के कई क्षेत्र होते हैं जिनमें खेल, कारोबार, सिनेमा, मनोरंजन, विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा, रक्षा, विदेश नीति आदि शामिल हैं। इन क्षेत्रों में विशेषज्ञता की आवश्यकता होती है और पत्रकारों को उस क्षेत्र की तकनीकी शब्दावली और घटनाओं की गहरी समझ होनी चाहिए।

मुख्य बिंदु

  • खेल, कारोबार, विज्ञान, पर्यावरण, रक्षा आदि प्रमुख क्षेत्र।
  • प्रत्येक क्षेत्र की अपनी तकनीकी शब्दावली।
  • पत्रकारों को विषय की गहरी जानकारी और विश्लेषणात्मक क्षमता होनी चाहिए।
  • विशेषज्ञ पत्रकारों के उदाहरण: हर्ष भोगले (खेल), अर्थशास्त्री पत्रकार आदि।

पाठ्य प्रमाण

"खेलों में हर्ष भोगले, जसदेव सिंह या नरोत्तम पुरी जैसे विशेषज्ञ पत्रकार हैं जो खेल की तकनीकी बारीकियाँ समझते हैं।"

हल किए गए उदाहरण

खेल पत्रकारिता में विशेषज्ञता के महत्व पर चर्चा।

अभ्यास प्रश्न

  • स्तर 1: विशेष लेखन के किन-किन क्षेत्रों को आप जानते हैं?
  • स्तर 2: खेल पत्रकारिता में विशेषज्ञता क्यों आवश्यक है? उदाहरण सहित समझाइए।
  • स्तर 3: किसी विशेष क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए पत्रकार को क्या-क्या करना चाहिए?

उत्तर कुंजी

विशेष लेखन के क्षेत्र व्यापक हैं जैसे खेल, कारोबार, विज्ञान आदि। खेल पत्रकारिता में विशेषज्ञता आवश्यक है क्योंकि खेल की तकनीक, नियम और बारीकियाँ समझना जरूरी होता है। विशेषज्ञता के लिए निरंतर अध्ययन, अनुभव और स्रोतों का विकास आवश्यक है।

त्वरित संदर्भ

  • विशेष लेखन के क्षेत्र: खेल, कारोबार, विज्ञान, पर्यावरण, रक्षा आदि।
  • विशेषज्ञता = ज्ञान + अनुभव + स्रोत

शब्दावली

  • तकनीकी शब्दावली: किसी क्षेत्र के विशेष शब्द
  • विशेषज्ञ पत्रकार: किसी क्षेत्र के जानकार पत्रकार

आर्थिक पत्रकारिता

आर्थिक पत्रकारिता में कारोबार, व्यापार और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरें, विश्लेषण और रिपोर्टिंग शामिल होती है। यह क्षेत्र जटिल होता है क्योंकि इसमें तकनीकी शब्दावली और आर्थिक नीतियों की समझ आवश्यक होती है। आर्थिक पत्रकार को आम पाठकों और विशेषज्ञ पाठकों दोनों की जरूरतों को पूरा करना होता है।

मुख्य बिंदु

  • आर्थिक पत्रकारिता की जटिलता और तकनीकी शब्दावली।
  • आम और विशेषज्ञ पाठकों के लिए लेखन।
  • उलटा पिरामिड शैली में खबरें।
  • विशेष लेखन में विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग।

पाठ्य प्रमाण

"कारोबार और अर्थ जगत से जुड़ी रोज़मर्रा की ख़बरें उलटा पिरामिड-शैली में लिखी जाती हैं।"

हल किए गए उदाहरण

शेयर बाजार की खबर और सोने की कीमतों पर विश्लेषणात्मक रिपोर्ट।

अभ्यास प्रश्न

  • स्तर 1: आर्थिक पत्रकारिता में किन-किन विषयों को शामिल किया जाता है?
  • स्तर 2: आर्थिक पत्रकारिता में आम पाठकों और विशेषज्ञ पाठकों के लिए लेखन में क्या अंतर होता है?
  • स्तर 3: आर्थिक पत्रकारिता में उलटा पिरामिड शैली क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर कुंजी

आर्थिक पत्रकारिता में व्यापार, शेयर बाजार, बैंकिंग, बजट आदि विषय आते हैं। आम पाठकों के लिए सरल भाषा में और विशेषज्ञों के लिए तकनीकी भाषा में लेखन होता है। उलटा पिरामिड शैली में सबसे महत्वपूर्ण जानकारी पहले दी जाती है।

त्वरित संदर्भ

  • आर्थिक पत्रकारिता = व्यापार + विश्लेषण
  • उलटा पिरामिड शैली = मुख्य सूचना पहले

शब्दावली

  • मुद्रास्फीति: वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि
  • एफ.डी.आई.: विदेशी प्रत्यक्ष निवेश
  • शेयर बाजार: स्टॉक मार्केट

खेल पत्रकारिता

खेल पत्रकारिता में विभिन्न खेलों की खबरें, रिपोर्ट, विश्लेषण और विशेष लेखन शामिल होता है। इसमें खेल की तकनीक, नियम, खिलाड़ियों के प्रदर्शन और खेल की बारीकियों की जानकारी आवश्यक होती है। खेल पत्रकारिता में भाषा में ऊर्जा, जोश और उत्साह होना चाहिए।

मुख्य बिंदु

  • खेल पत्रकारिता की विशेषताएँ।
  • खेल की तकनीक और नियमों की समझ।
  • उलटा पिरामिड और कथात्मक शैली का प्रयोग।
  • विशेष लेखन में विश्लेषणात्मक रिपोर्ट।

पाठ्य प्रमाण

"खेलों की रिपोर्टिंग और विशेष लेखन की भाषा और शैली में एक ऊर्जा, जोश, रोमांच और उत्साह दिखना चाहिए।"

हल किए गए उदाहरण

क्रिकेट मैच की सामान्य खबर और उसके बाद विश्लेषणात्मक रिपोर्ट।

अभ्यास प्रश्न

  • स्तर 1: खेल पत्रकारिता में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
  • स्तर 2: उलटा पिरामिड शैली और कथात्मक शैली में क्या अंतर है? उदाहरण सहित समझाइए।
  • स्तर 3: किसी खेल की तकनीक और नियमों को समझकर रिपोर्टिंग कैसे की जाती है?

उत्तर कुंजी

खेल पत्रकारिता में खेल की तकनीक, नियम और खिलाड़ियों के प्रदर्शन की जानकारी जरूरी है। उलटा पिरामिड शैली में मुख्य खबर पहले और कथात्मक शैली में विस्तार से घटनाओं का वर्णन होता है। तकनीकी समझ से रिपोर्टिंग अधिक सटीक और रोचक होती है।

त्वरित संदर्भ

  • खेल पत्रकारिता = तकनीक + उत्साह
  • उलटा पिरामिड = मुख्य सूचना पहले
  • कथात्मक शैली = घटनानुक्रम में विस्तार

शब्दावली

  • स्पिन: गेंदबाजी की एक तकनीक
  • एलबीडब्ल्यू: आउट होने का एक तरीका
  • गूगली: गेंदबाजी की एक चाल

HINDI — ALL CHAPTERS

1

जनसंचार माध्यम

1

विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

2

पत्रकारिता के विविध आयाम

2

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

3

डायरी लिखने की कला

3

विशेष लेखन— स्वरूप और प्रकार

4

कथा-पटकथा

4

कैसे बनती है कविता

5

नाटक लिखने का व्याकरण

5

कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया

6

कैसे लिखें कहानी

6

स्ववृत्त(बायोडाटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र

7

कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण

7

कोश-एक परिचय

8

कैसे बनता है रेडियो नाटक

9

नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन

1

आत्मपरिचय

2

एक गीत

3

पतंग

4

कविता के बहाने

5

बात सीधी थी पर

6

कैमरे में बंद अपाहिज

7

उषा

8

बादल राग

9

कवितावली (उत्तर कांड से)

10

लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप

11

रुबाइयाँ

12

छोटा मेरा खेत

13

बगुलों के पंख

14

भक्तिन

15

बाज़ार दर्शन

16

काले मेघा पानी दे

17

पहलवान की ढोलक

18

शिरीष के फूल

19

श्रम विभाजन और जाति-प्रथा

20

मेरी कल्पना का आदर्श-समाज

1

सिल्वर वैडिंग

2

जूझ

3

अतीत में दबे पाँव