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छोटा-मेरा-खेत

CLASS 12-PCM . HINDI . आरोह भाग 2 . छोटा मेरा-खेत

Chapter 12 : छोटा मेरा खेत

Ch 12

HINDI

CLASS 12-PCM

उमाशंकर जोशी

उमाशंकर जोशी बीसवीं सदी के एक प्रमुख गुजराती कवि, निबंधकार और संपादक थे। उनका जन्म सन् 1911 में गुजरात में हुआ था और उनका निधन सन् 1988 में हुआ। वे गुजराती साहित्य को नई दिशा देने वाले साहित्यकारों में से एक थे। उन्होंने कालिदास के अभिज्ञान शाकुंतलम् और भवभूति के उत्तररामचरित का गुजराती में अनुवाद किया। उनकी प्रमुख रचनाओं में कविता, कहानी, नाटक, निबंध और संपादन कार्य शामिल हैं। वे स्वतंत्रता संग्राम से जुड़े थे और जेल भी गए। उनकी कविताओं में प्रकृति, जीवन के सामान्य अनुभव और आधुनिकता की झलक मिलती है।

मुख्य बिंदु

  • जन्म: सन् 1911, गुजरात
  • प्रमुख रचनाएँ: विश्व शांति, गंगोत्री, निशीथ, प्राचीना, अतिथ्य, वसंत वर्षा, महाप्रस्थान, अभिज्ञा (एकांकी), सपनाभारा, श्रावणी मेला (कहानी), श्रावणी मेला, विलाप (उपन्यास), पारकांजण्या (निबंध), गोष्ठी, उघाड़ीबारी, शैलांतकवि, महासांटेर, स्वप्नप्रयाण (संपादन)
  • सन् 1947 से संस्कृति पत्रिका का संपादन
  • स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भागीदारी
  • गुजराती साहित्य में आधुनिकता और परंपरा का समन्वय

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"तंग आ गया हूँ / बड़ों की अल्पता से / जी रहा हूँ / देख कर छोटों की बड़ाई"

अभ्यास प्रश्न

  • सरल: उमाशंकर जोशी का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
  • मध्यम: उमाशंकर जोशी की प्रमुख रचनाओं में कौन-कौन सी विधाएँ शामिल हैं?
  • कठिन: उमाशंकर जोशी की कविताओं में प्रकृति और जीवन के अनुभव कैसे प्रकट होते हैं?

उत्तर कुंजी

  • उमाशंकर जोशी का जन्म सन् 1911 में गुजरात में हुआ था।
  • उनकी प्रमुख रचनाओं में कविता, कहानी, नाटक, निबंध और संपादन कार्य शामिल हैं।
  • उनकी कविताओं में प्रकृति और जीवन के सामान्य अनुभवों को सरल भाषा में प्रस्तुत किया गया है, जो गुजराती कविता को नई शैली देता है।

त्वरित संदर्भ

उमाशंकर जोशी गुजराती साहित्य के आधुनिक कवि और निबंधकार थे, जिन्होंने साहित्य की विभिन्न विधाओं में योगदान दिया।

शब्दावली

  • अभिज्ञान शाकुंतलम्: कालिदास की प्रसिद्ध संस्कृत नाटक
  • उत्तररामचरित: भवभूति का संस्कृत नाटक
  • एकांकी: एकअंक का नाटक
  • संपादन: साहित्यिक सामग्री का चयन और प्रकाशन

छोटा मेरा खेत

"छोटा मेरा खेत" उमाशंकर जोशी की एक कविता है जो कागज के पन्ने को खेत के रूप में प्रस्तुत करती है। इस कविता में कवि ने रचना की प्रक्रिया को खेती के रूपक के माध्यम से समझाया है। कागज का पन्ना चौकोर खेत है जहाँ कल्पना का बीज बोया जाता है, जो शब्दों के अंकुर के रूप में फूटता है और अंततः एक पूर्ण कृति बनती है। यह कविता साहित्य की सृजनात्मक प्रक्रिया और उसकी अनंतता को दर्शाती है।

मुख्य बिंदु

  • कागज का पन्ना चौकोर खेत के रूप में
  • कल्पना का बीज और शब्दों के अंकुर
  • साहित्य की सृजनात्मक प्रक्रिया का रूपक
  • रस की अनंतता और अक्षयता

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"छोटा मेरा खेत चौकोना
कागज का एक पन्ना,
कोई अँधड़ कहीं से आया
क्षण का बीज वहाँ बोया गया।"

हल किए गए उदाहरण

इस कविता में "अँधड़" का अर्थ है अचानक आने वाली प्रेरणा या विचार की आँधी, जो रचना के बीज को बोती है। "रस अलौकिक" से तात्पर्य है कि साहित्य में जो आनंद और भावनाएँ उत्पन्न होती हैं, वे सामान्य अनुभवों से परे होती हैं और अनंतकाल तक बनी रहती हैं।

अभ्यास प्रश्न

  • सरल: "छोटा मेरा खेत" कविता में खेत का रूपक किस चीज़ के लिए प्रयोग किया गया है?
  • मध्यम: कविता में "अँधड़" का क्या अर्थ है और इसका साहित्य सृजन में क्या महत्व है?
  • कठिन: कविता में रस की अनंतता का क्या अर्थ है और इसे कैसे समझा जा सकता है?

उत्तर कुंजी

  • यह खेत कागज के पन्ने का रूपक है जहाँ रचना होती है।
  • अँधड़ का अर्थ है अचानक आने वाली प्रेरणा जो रचना के बीज को बोती है।
  • रस की अनंतता का अर्थ है कि साहित्य का आनंद और प्रभाव अनंतकाल तक बना रहता है, जो बार-बार पढ़ने पर भी कम नहीं होता।

त्वरित संदर्भ

"छोटा मेरा खेत" कविता साहित्य सृजन की प्रक्रिया को खेती के रूपक में प्रस्तुत करती है।

शब्दावली

  • अँधड़: अचानक आने वाली तेज़ हवा या प्रेरणा
  • बीज: शुरुआत या मूल तत्व
  • अमृत धाराएँ: अत्यंत मधुर और अमर रस की धाराएँ
  • अक्षय पात्र: ऐसा पात्र जो कभी समाप्त न हो

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जनसंचार माध्यम

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विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

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पत्रकारिता के विविध आयाम

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पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

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डायरी लिखने की कला

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विशेष लेखन— स्वरूप और प्रकार

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कथा-पटकथा

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कैसे बनती है कविता

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नाटक लिखने का व्याकरण

5

कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया

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कैसे लिखें कहानी

6

स्ववृत्त(बायोडाटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र

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कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण

7

कोश-एक परिचय

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कैसे बनता है रेडियो नाटक

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नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन

1

आत्मपरिचय

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एक गीत

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पतंग

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कविता के बहाने

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बात सीधी थी पर

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कैमरे में बंद अपाहिज

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उषा

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बादल राग

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कवितावली (उत्तर कांड से)

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लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप

11

रुबाइयाँ

12

छोटा मेरा खेत

13

बगुलों के पंख

14

भक्तिन

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बाज़ार दर्शन

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काले मेघा पानी दे

17

पहलवान की ढोलक

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शिरीष के फूल

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श्रम विभाजन और जाति-प्रथा

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मेरी कल्पना का आदर्श-समाज

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सिल्वर वैडिंग

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जूझ

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अतीत में दबे पाँव