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जनसंचार-माध्यम

CLASS 12-PCM . HINDI . अभिव्यक्ति और माध्यम भाग 2 . जनसंचार माध्यम

Chapter 1 : जनसंचार माध्यम

Ch 1

HINDI

CLASS 12-PCM

जनसंचार की परिभाषा और प्रक्रिया

संचार का अर्थ है दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच सूचनाओं, विचारों और भावनाओं का आदान-प्रदान। यह एक जीवंत प्रक्रिया है जिसमें स्रोत (संचारक), संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता और प्रतिक्रिया (फीडबैक) शामिल होते हैं। संचार के दौरान भाषा का उपयोग एक कोड के रूप में होता है जिसे संचालक (स्रोत) एनकोड करता है और प्राप्तकर्ता डिकोड करता है। संचार प्रक्रिया में बाधाएँ भी आती हैं जिन्हें शोर (नॉयज) कहा जाता है।

मुख्य बिंदु

  • स्रोत या संचारक: संदेश भेजने वाला व्यक्ति।
  • एनकोडिंग: संदेश को भाषा या संकेतों में बदलना।
  • संदेश: वह सूचना या विचार जो भेजा जाता है।
  • माध्यम: संदेश पहुँचाने का माध्यम जैसे भाषा, टेलीफोन, रेडियो आदि।
  • प्राप्तकर्ता: संदेश प्राप्त करने वाला।
  • डिकोडिंग: संदेश का अर्थ समझना।
  • फीडबैक: प्राप्तकर्ता की प्रतिक्रिया।
  • शोर: संचार में बाधाएँ।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"जब आप मित्र से किताब माँगते हैं तो संचार प्रक्रिया शुरू होती है।"

अभ्यास प्रश्न

  • संचार की प्रक्रिया के मुख्य तत्त्व कौन-कौन से हैं?
  • फीडबैक का संचार में क्या महत्व है?
  • शोर से संचार प्रक्रिया कैसे प्रभावित होती है?

उत्तर कुंजी

  • स्रोत, संदेश, माध्यम, प्राप्तकर्ता, फीडबैक और शोर संचार के मुख्य तत्त्व हैं।
  • फीडबैक से पता चलता है कि संदेश सही अर्थ में पहुँचा या नहीं और संचार सफल हुआ या नहीं।
  • शोर से संदेश का अर्थ बिगड़ जाता है और संचार बाधित होता है।

त्वरित संदर्भ

संचार एक अंतर्क्रियात्मक प्रक्रिया है जिसमें दोनों पक्षों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।

शब्दावली

  • एनकोडिंग: संदेश को भाषा या संकेतों में बदलना।
  • डिकोडिंग: संदेश का अर्थ समझना।
  • फीडबैक: प्रतिक्रिया।
  • शोर: बाधा।

संचार के प्रकार

संचार के कई प्रकार होते हैं जिनमें मौखिक, अमौखिक, अंतःवैयक्तिक, अंतरवैयक्तिक, समूह संचार और जनसंचार प्रमुख हैं। अमौखिक संचार में इशारे, हाव-भाव आदि शामिल हैं। अंतःवैयक्तिक संचार में व्यक्ति अपने आप से संवाद करता है। अंतरवैयक्तिक संचार में दो व्यक्ति आमने-सामने संवाद करते हैं। समूह संचार में एक समूह में विचार-विमर्श होता है। जनसंचार में तकनीकी माध्यमों के जरिए विशाल जनसमूह तक संदेश पहुँचाया जाता है।

मुख्य बिंदु

  • मौखिक संचार: बोलकर संवाद।
  • अमौखिक संचार: हाव-भाव, इशारे।
  • अंतःवैयक्तिक संचार: स्वयं से संवाद।
  • अंतरवैयक्तिक संचार: दो व्यक्तियों के बीच संवाद।
  • समूह संचार: समूह में चर्चा।
  • जनसंचार: तकनीकी माध्यमों से बड़े समूह तक संदेश।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"हथेलियाँ जोड़कर प्रणाम करना अमौखिक संचार है।"

अभ्यास प्रश्न

  • अमौखिक संचार के उदाहरण दीजिए।
  • अंतरवैयक्तिक और समूह संचार में क्या अंतर है?
  • जनसंचार की विशेषताएँ क्या हैं?

उत्तर कुंजी

  • हाव-भाव, इशारे, चेहरे के भाव अमौखिक संचार के उदाहरण हैं।
  • अंतरवैयक्तिक संचार दो व्यक्तियों के बीच होता है जबकि समूह संचार में कई लोग शामिल होते हैं।
  • जनसंचार में संदेश सार्वजनिक होते हैं, फीडबैक तुरंत नहीं मिलता और इसमें औपचारिक संगठन की आवश्यकता होती है।

त्वरित संदर्भ

जनसंचार में संदेश का दायरा व्यापक और सार्वजनिक होता है।

शब्दावली

  • मौखिक संचार: बोलकर संवाद।
  • अमौखिक संचार: बिना बोले संकेत देना।
  • अंतःवैयक्तिक संचार: स्वयं से संवाद।
  • जनसंचार: बड़े जनसमूह तक संदेश पहुँचाना।

जनसंचार माध्यम

जनसंचार माध्यम वे तकनीकी या यांत्रिक साधन हैं जिनके द्वारा संदेश को बड़े जनसमूह तक पहुँचाया जाता है। प्रमुख जनसंचार माध्यमों में समाचारपत्र, रेडियो, टेलीविज़न, सिनेमा और इंटरनेट शामिल हैं। ये माध्यम सूचना, शिक्षा, मनोरंजन, एजेंडा तय करने, निगरानी और विचार-विमर्श के मंच के रूप में कार्य करते हैं।

मुख्य बिंदु

  • समाचारपत्र-पत्रिकाएँ: प्रिंट मीडिया, सूचना का प्रमुख स्रोत।
  • रेडियो: ध्वनि माध्यम, दूरदराज़ तक पहुँच।
  • टेलीविज़न: दृश्य और ध्वनि का संयोजन, लोकप्रिय माध्यम।
  • सिनेमा: मनोरंजन और सामाजिक संदेश।
  • इंटरनेट: नवीनतम और अंतर्क्रियात्मक माध्यम।
  • जनसंचार माध्यमों के कार्य: सूचना देना, शिक्षित करना, मनोरंजन, एजेंडा तय करना, निगरानी, विचार-विमर्श।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"भारत में पहला हिंदी साप्ताहिक पत्र 'उदंत मार्तंड' था।"

अभ्यास प्रश्न

  • जनसंचार माध्यमों के प्रमुख प्रकार कौन-कौन से हैं?
  • रेडियो के विकास और महत्व पर चर्चा कीजिए।
  • इंटरनेट जनसंचार में किस प्रकार क्रांति लेकर आया है?

उत्तर कुंजी

  • समाचारपत्र, रेडियो, टेलीविज़न, सिनेमा, इंटरनेट प्रमुख जनसंचार माध्यम हैं।
  • रेडियो ने दूरदराज़ के इलाकों तक सूचना पहुँचाई और आकाशवाणी ने राष्ट्रीय एकता में भूमिका निभाई।
  • इंटरनेट ने सभी माध्यमों को एक साथ जोड़ा, अंतर्क्रियात्मकता बढ़ाई और सूचना की पहुँच तेज़ की।

त्वरित संदर्भ

जनसंचार माध्यम सूचना, शिक्षा और मनोरंजन के साथ-साथ समाज में जागरूकता फैलाने का कार्य करते हैं।

शब्दावली

  • आकाशवाणी: भारत का राष्ट्रीय रेडियो नेटवर्क।
  • एफ़एम: फ्रिक्वेंसी मॉड्यूलेशन, रेडियो प्रसारण की तकनीक।
  • दूरदर्शन: भारत का राष्ट्रीय टेलीविज़न नेटवर्क।
  • जनसंचार: बड़े जनसमूह तक संदेश पहुँचाना।

जनसंचार माध्यमों के प्रभाव और चुनौतियाँ

जनसंचार माध्यमों ने समाज में जागरूकता, सूचना और मनोरंजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे लोकतंत्र को मजबूत करते हैं और सरकार की निगरानी करते हैं। हालांकि, इनके नकारात्मक प्रभाव भी हैं जैसे काल्पनिक दुनिया में व्यसन, हिंसा और अश्लीलता का प्रसार। मीडिया पर व्यावसायिक स्वार्थों का प्रभाव भी चिंता का विषय है। इसलिए हमें जनसंचार सामग्री को आलोचनात्मक दृष्टि से देखना चाहिए।

मुख्य बिंदु

  • सकारात्मक प्रभाव: जागरूकता, सूचना, मनोरंजन, लोकतंत्र की मजबूती।
  • नकारात्मक प्रभाव: हिंसा, अश्लीलता, व्यावसायिक स्वार्थ, सामाजिक विकृति।
  • मीडिया पर नियंत्रण और द्वारपालों की भूमिका।
  • जनसंचार सामग्री को समझदारी से ग्रहण करना आवश्यक।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"तहलका कांड और ऑपरेशन दुर्गंध जैसे स्टिंग ऑपरेशन ने मीडिया की ताकत दिखाई।"

अभ्यास प्रश्न

  • जनसंचार माध्यमों के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव क्या हैं?
  • मीडिया पर व्यावसायिक स्वार्थों का प्रभाव कैसे पड़ता है?
  • जनसंचार सामग्री को ग्रहण करते समय हमें क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?

उत्तर कुंजी

  • सकारात्मक प्रभावों में सूचना, जागरूकता और मनोरंजन शामिल हैं; नकारात्मक में हिंसा और अश्लीलता।
  • व्यावसायिक स्वार्थों के कारण मीडिया सामग्री में पक्षपात और तथ्य छुपाने की प्रवृत्ति होती है।
  • हमें सामग्री को आलोचनात्मक दृष्टि से देखना और समझदारी से स्वीकार करना चाहिए।

त्वरित संदर्भ

मीडिया एक दुधारी अस्त्र है, इसका उपयोग सावधानी से करना चाहिए।

शब्दावली

  • द्वारपाल: मीडिया सामग्री नियंत्रक।
  • स्टिंग ऑपरेशन: गुप्त जांच।
  • व्यावसायिक स्वार्थ: मुनाफे की इच्छा।

संचार और जनसंचार का इतिहास

संचार का इतिहास प्राचीन काल से शुरू होता है। देवर्षि नारद को भारत का पहला समाचार वाचक माना जाता है। महाभारत काल में संजय की भूमिका भी संचार व्यवस्था की समृद्धि दर्शाती है। चंद्रगुप्त मौर्य और अशोक के शासनकाल में संदेशों के लिए शिलालेख और रोज़नामचा जैसी व्यवस्थाएँ थीं। लोक माध्यमों जैसे कठपुतली, लोकनाटक आदि ने भी जनमत निर्माण में योगदान दिया। आधुनिक जनसंचार माध्यम अंग्रेज़ों से आए और धीरे-धीरे भारतीय संस्कृति का हिस्सा बने।

मुख्य बिंदु

  • प्राचीन काल में देवर्षि नारद और महाभारत काल की संचार व्यवस्था।
  • मौर्य काल की शिलालेख और रोज़नामचा।
  • लोक माध्यमों का योगदान।
  • आधुनिक जनसंचार माध्यमों का पश्चिम से आगमन।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"देवर्षि नारद को भारत का पहला समाचार वाचक माना जाता है।"

अभ्यास प्रश्न

  • प्राचीन भारत में संचार की कौन-कौन सी व्यवस्थाएँ थीं?
  • लोक माध्यमों का जनसंचार में क्या योगदान है?
  • आधुनिक जनसंचार माध्यम भारत में कैसे आए?

उत्तर कुंजी

  • देवर्षि नारद, महाभारत काल की संजय की भूमिका, शिलालेख और रोज़नामचा।
  • कठपुतली, लोकनाटक आदि ने संदेश पहुँचाने और जनमत निर्माण में मदद की।
  • अंग्रेज़ों के समय समाचारपत्र, रेडियो, टेलीविज़न आदि माध्यम आए।

त्वरित संदर्भ

संचार का इतिहास प्राचीन काल से आधुनिक युग तक विस्तृत है।

शब्दावली

  • रोज़नामचा: दैनिक समाचार।
  • लोक माध्यम: पारंपरिक जनसंचार के साधन।
  • शिलालेख: पत्थर या धातु पर लिखे संदेश।

प्रिंट मीडिया का विकास

प्रिंट मीडिया में समाचारपत्र और पत्रिकाएँ शामिल हैं। भारत में पहली हिंदी साप्ताहिक पत्रिका 'उदंत मार्तंड' 1826 में प्रकाशित हुई। स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आजादी के बाद पत्रकारिता व्यावसायिक और पेशेवर क्षेत्र बन गई। प्रमुख हिंदी समाचारपत्रों में नवभारत टाइम्स, जनसत्ता, अमर उजाला आदि शामिल हैं।

मुख्य बिंदु

  • प्रिंट मीडिया सूचना का प्रमुख स्रोत।
  • स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता की भूमिका।
  • आजादी के बाद पत्रकारिता का व्यावसायीकरण।
  • प्रमुख हिंदी समाचारपत्र और पत्रकार।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"जेम्स ऑगस्ट हिकी के बंगाल गजट से भारत में पत्रकारिता की शुरुआत हुई।"

अभ्यास प्रश्न

  • भारत में पत्रकारिता की शुरुआत कब और कैसे हुई?
  • स्वतंत्रता संग्राम में पत्रकारिता की भूमिका क्या थी?
  • आजादी के बाद पत्रकारिता में क्या बदलाव आए?

उत्तर कुंजी

  • 1780 में बंगाल गजट से पत्रकारिता शुरू हुई।
  • पत्रकारिता ने लोगों को जागरूक किया और स्वतंत्रता संग्राम को समर्थन दिया।
  • व्यावसायिक और पेशेवर क्षेत्र के रूप में विकसित हुई।

त्वरित संदर्भ

प्रिंट मीडिया ने सूचना और जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

शब्दावली

  • पत्रकारिता: समाचार संकलन और संपादन की कला।
  • प्रिंट मीडिया: समाचारपत्र और पत्रिकाएँ।
  • संपादक: समाचार संपादित करने वाला।

रेडियो का इतिहास और प्रभाव

रेडियो का आविष्कार 1895 में हुआ। भारत में 1921 में मुंबई से पहला संगीत कार्यक्रम प्रसारित हुआ। आज आकाशवाणी देश की 24 भाषाओं में कार्यक्रम प्रस्तुत करता है और 96% आबादी तक पहुँचता है। एफएम चैनलों के आने से रेडियो क्षेत्र में निजी कंपनियाँ भी सक्रिय हुई हैं। रेडियो दूरदराज़ के इलाकों में सूचना और मनोरंजन का प्रमुख स्रोत है।

मुख्य बिंदु

  • रेडियो का आविष्कार और विकास।
  • भारत में आकाशवाणी की स्थापना और विस्तार।
  • एफएम चैनलों का उदय।
  • रेडियो का सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"गांधी जी ने रेडियो को एक अद्भुत शक्ति कहा था।"

अभ्यास प्रश्न

  • रेडियो के विकास की मुख्य घटनाएँ क्या हैं?
  • आकाशवाणी का सामाजिक महत्व क्या है?
  • एफएम चैनलों ने रेडियो क्षेत्र में क्या बदलाव लाए?

उत्तर कुंजी

  • 1895 में रेडियो का आविष्कार, 1921 में मुंबई से पहला प्रसारण।
  • आकाशवाणी ने राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जागरूकता में भूमिका निभाई।
  • एफएम चैनलों ने निजी क्षेत्र को सक्रिय किया और विविधता बढ़ाई।

त्वरित संदर्भ

रेडियो दूरदराज़ इलाकों में सूचना और मनोरंजन का सस्ता माध्यम है।

शब्दावली

  • आकाशवाणी: भारत का राष्ट्रीय रेडियो।
  • एफएम: फ्रिक्वेंसी मॉड्यूलेशन।
  • ध्वनि तरंगें: आवाज़ के माध्यम।

टेलीविज़न का इतिहास और प्रभाव

टेलीविज़न की शुरुआत भारत में 1959 में हुई। दूरदर्शन 1976 में स्वतंत्र हुआ। टेलीविज़न ने सूचना की विश्वसनीयता बढ़ाई और मनोरंजन का लोकप्रिय माध्यम बना। निजी चैनलों के आने से समाचार क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ी। टेलीविज़न ने सामाजिक परिवर्तन, राष्ट्रीय एकता, वैज्ञानिक चेतना, परिवार कल्याण, कृषि विकास आदि में योगदान दिया।

मुख्य बिंदु

  • भारत में टेलीविज़न की शुरुआत और विकास।
  • दूरदर्शन का राष्ट्रीय प्रसारक होना।
  • निजी चैनलों का उदय।
  • टेलीविज़न के सामाजिक और शैक्षिक उद्देश्य।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"इंदिरा गांधी ने दूरदर्शन के विस्तार की योजना बनाई।"

अभ्यास प्रश्न

  • भारत में टेलीविज़न सेवा की शुरुआत कब हुई?
  • दूरदर्शन के उद्देश्य क्या हैं?
  • निजी चैनलों के आने से टेलीविज़न में क्या बदलाव आए?

उत्तर कुंजी

  • 1959 में टेलीविज़न की शुरुआत, 1976 में दूरदर्शन स्वतंत्र हुआ।
  • सामाजिक परिवर्तन, राष्ट्रीय एकता, शिक्षा और मनोरंजन।
  • प्रतिस्पर्धा बढ़ी, पेशेवर पत्रकारिता का विकास हुआ।

त्वरित संदर्भ

टेलीविज़न सूचना और मनोरंजन का प्रभावशाली माध्यम है।

शब्दावली

  • दूरदर्शन: भारत का राष्ट्रीय टेलीविज़न।
  • केबल टीवी: निजी टेलीविज़न सेवा।
  • सीएनएन: अंतरराष्ट्रीय समाचार चैनल।

सिनेमा का इतिहास और प्रभाव

सिनेमा जनसंचार का एक लोकप्रिय और प्रभावशाली माध्यम है। भारत में पहली मूक फिल्म 'राजा हरिश्चंद्र' 1913 में बनी। सिनेमा मनोरंजन के साथ सामाजिक संदेश भी देता है। समानांतर सिनेमा ने सामाजिक चेतना बढ़ाई। व्यावसायिक फिल्मों में रोमांस, हिंसा और मनोरंजन प्रमुख हैं। सिनेमा ने भारतीय संस्कृति और समाज को दर्शाया है।

मुख्य बिंदु

  • सिनेमा का आविष्कार और भारत में विकास।
  • पहली मूक और बोलती फिल्में।
  • समानांतर सिनेमा और व्यावसायिक सिनेमा।
  • सिनेमा का सामाजिक और सांस्कृतिक प्रभाव।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"1913 में बनी 'राजा हरिश्चंद्र' भारत की पहली मूक फिल्म थी।"

अभ्यास प्रश्न

  • भारत में सिनेमा का इतिहास क्या है?
  • समानांतर सिनेमा का महत्व क्या है?
  • व्यावसायिक फिल्मों के प्रभाव पर चर्चा करें।

उत्तर कुंजी

  • 1913 में पहली मूक फिल्म बनी, बाद में बोलती फिल्में आईं।
  • समानांतर सिनेमा ने सामाजिक चेतना और कलात्मक अभिव्यक्ति बढ़ाई।
  • व्यावसायिक फिल्में मनोरंजन करती हैं लेकिन कभी-कभी नकारात्मक प्रभाव भी डालती हैं।

त्वरित संदर्भ

सिनेमा मनोरंजन के साथ समाज को जागरूक करने का माध्यम है।

शब्दावली

  • समानांतर सिनेमा: सामाजिक मुद्दों पर आधारित कला फिल्में।
  • मूक फिल्म: बिना ध्वनि वाली फिल्म।
  • व्यावसायिक फिल्म: लाभ के लिए बनाई गई फिल्म।

इंटरनेट का प्रभाव

इंटरनेट जनसंचार का नवीनतम और तेज़ी से बढ़ता हुआ माध्यम है। यह प्रिंट, रेडियो, टेलीविज़न, सिनेमा आदि सभी माध्यमों का समागम है। इंटरनेट पर हम समाचार पढ़ सकते हैं, रेडियो सुन सकते हैं, फिल्में देख सकते हैं और संवाद में भाग ले सकते हैं। यह एक अंतर्क्रियात्मक माध्यम है जिसमें उपयोगकर्ता सक्रिय होते हैं। हालांकि इसके दुरुपयोग और अश्लील सामग्री की समस्या भी है।

मुख्य बिंदु

  • इंटरनेट सभी माध्यमों का संयोजन।
  • अंतर्क्रियात्मकता: उपयोगकर्ता सक्रिय।
  • सूचना की तेज़ पहुँच।
  • दुरुपयोग और अश्लीलता की समस्या।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"इंटरनेट ने मीडिया समागम का युग शुरू किया।"

अभ्यास प्रश्न

  • इंटरनेट जनसंचार में कैसे क्रांति लेकर आया है?
  • इंटरनेट के दुरुपयोग के उदाहरण दीजिए।
  • इंटरनेट का उपयोग करते समय किन सावधानियों की आवश्यकता है?

उत्तर कुंजी

  • इंटरनेट ने सभी माध्यमों को जोड़ा और संवाद को अंतर्क्रियात्मक बनाया।
  • अश्लील सामग्री और गलत सूचना का प्रसार।
  • सावधानी से सामग्री का चयन और सुरक्षित व्यवहार।

त्वरित संदर्भ

इंटरनेट एक शक्तिशाली लेकिन सावधानी से उपयोग करने वाला माध्यम है।

शब्दावली

  • मीडिया समागम: विभिन्न मीडिया का संयोजन।
  • ब्लॉग: ऑनलाइन लेखन मंच।
  • चैट: ऑनलाइन संवाद।

लिपि से मुद्रण तक

लिपि का आविष्कार संचार में दूसरी बड़ी क्रांति थी। प्रारंभ में चित्रलिपि और ऑडियोग्राफी का प्रयोग हुआ। बाद में ध्वनि आधारित लिपियाँ विकसित हुईं। लिपि ने ज्ञान को स्थायी और व्यापक बनाया। मुद्रण की क्रांति ने ज्ञान के प्रसार को और बढ़ाया। चीन में कागज़ का आविष्कार हुआ और जर्मनी में गुटेनबर्ग ने चल-टाइप मुद्रण की खोज की। मुद्रण ने पुस्तकों और समाचारपत्रों के प्रकाशन का मार्ग प्रशस्त किया।

मुख्य बिंदु

  • चित्रलिपि और ऑडियोग्राफी।
  • ध्वनि आधारित लिपियों का विकास।
  • कागज़ और मुद्रण की क्रांति।
  • मुद्रण ने ज्ञान के प्रसार को बढ़ावा दिया।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"गुटेनबर्ग बाइबिल को पहली छपी पुस्तक माना जाता है।"

अभ्यास प्रश्न

  • चित्रलिपि और ऑडियोग्राफी में क्या अंतर है?
  • मुद्रण की क्रांति का समाज पर क्या प्रभाव पड़ा?
  • कागज़ का आविष्कार कहाँ और कब हुआ?

उत्तर कुंजी

  • चित्रलिपि चित्रों द्वारा अभिव्यक्ति है, ऑडियोग्राफी में अमूर्त विचार भी व्यक्त होते हैं।
  • मुद्रण ने ज्ञान को व्यापक और स्थायी बनाया।
  • चीन में सन् 105 में कागज़ का आविष्कार हुआ।

त्वरित संदर्भ

मुद्रण ने ज्ञान के प्रसार में क्रांति लाई।

शब्दावली

  • चित्रलिपि: चित्रों द्वारा लेखन।
  • ऑडियोग्राफी: अमूर्त विचारों की अभिव्यक्ति।
  • चल-टाइप: मुद्रण की तकनीक।

HINDI — ALL CHAPTERS

1

जनसंचार माध्यम

1

विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

2

पत्रकारिता के विविध आयाम

2

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

3

डायरी लिखने की कला

3

विशेष लेखन— स्वरूप और प्रकार

4

कथा-पटकथा

4

कैसे बनती है कविता

5

नाटक लिखने का व्याकरण

5

कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया

6

कैसे लिखें कहानी

6

स्ववृत्त(बायोडाटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र

7

कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण

7

कोश-एक परिचय

8

कैसे बनता है रेडियो नाटक

9

नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन

1

आत्मपरिचय

2

एक गीत

3

पतंग

4

कविता के बहाने

5

बात सीधी थी पर

6

कैमरे में बंद अपाहिज

7

उषा

8

बादल राग

9

कवितावली (उत्तर कांड से)

10

लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप

11

रुबाइयाँ

12

छोटा मेरा खेत

13

बगुलों के पंख

14

भक्तिन

15

बाज़ार दर्शन

16

काले मेघा पानी दे

17

पहलवान की ढोलक

18

शिरीष के फूल

19

श्रम विभाजन और जाति-प्रथा

20

मेरी कल्पना का आदर्श-समाज

1

सिल्वर वैडिंग

2

जूझ

3

अतीत में दबे पाँव