CLASS 12-PCM . HINDI . अभिव्यक्ति और माध्यम भाग 2 . कैसे लिखें-कहानी
Chapter 6 : कैसे लिखें कहानी
Ch 6
HINDI
CLASS 12-PCM
कहानी का परिचय
कहानी किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि कहने वालों और सुनने वालों की होती है। यह सभी की, पूरे परिवार की सृष्टि होती है। नानी की मुहर इस पर होती है। हर मनुष्य में अपने अनुभव बाँटने और दूसरों के अनुभव जानने की प्राकृतिक इच्छा होती है। इसलिए हर आदमी में कहानी लिखने का मूल भाव निहित होता है। कहानी का इतिहास मानव इतिहास जितना पुराना है क्योंकि यह मानव स्वभाव और प्रकृति का हिस्सा है। प्रारंभ में कथावाचक युद्ध, प्रेम, प्रतिशोध आदि की कहानियाँ सुनाते थे। समय के साथ कल्पना का सम्मिश्रण भी हुआ जिससे कहानी और रोचक बनी। भारत में मौखिक कहानी की परंपरा बहुत पुरानी है, विशेषकर राजस्थान में।
मुख्य बिंदु
- कहानी सुनने और सुनाने की प्राकृतिक इच्छा
- कहानी का इतिहास और विकास
- कल्पना का सम्मिश्रण
- मौखिक कहानी की परंपरा
पाठ्य प्रमाण
"कहानी किसी एक की नहीं, वह कहने वालों की है, सुनने वालों की भी।" — कृष्णा सोबती
अभ्यास प्रश्न
- कहानी का इतिहास क्या है?
- मौखिक कहानी की परंपरा क्यों महत्वपूर्ण है?
- कल्पना का कहानी में क्या योगदान है?
उत्तर कुंजी
- कहानी का इतिहास मानव इतिहास जितना पुराना है और यह मानव स्वभाव का हिस्सा है।
- मौखिक कहानी की परंपरा से कहानी का प्रसार और संरक्षण हुआ।
- कल्पना कहानी को रोचक और प्रिय बनाती है।
शब्दावली
- कथावाचक: कहानी सुनाने वाला
- कल्पना: मन में बनी हुई छवि या विचार
- मौखिक: बोली जाने वाली
कहानी का स्वरूप और इतिहास
कहानी किसी घटना, पात्र या समस्या का क्रमबद्ध विवरण होता है जिसमें परिवेश, द्वंद्वात्मकता और कथा का विकास होता है। कहानी जीवन का अविभाज्य हिस्सा है। प्रारंभ में कहानी सुनाने की कला विकसित हुई और कथावाचक युद्ध, प्रेम, प्रतिशोध की कहानियाँ सुनाते थे। प्राचीन काल में कहानी का उद्देश्य धर्म प्रचार और शिक्षा भी था, जैसे पंचतंत्र की कहानियाँ।
मुख्य बिंदु
- कहानी की परिभाषा
- कहानी का इतिहास और उद्देश्य
- पंचतंत्र की कहानियों का महत्व
पाठ्य प्रमाण
"कहानी क्या है? किसी घटना, पात्र या समस्या का क्रमबद्ध ब्योरा जिसमें परिवेश हो, द्वंद्वात्मकता हो, कथा का क्रमिक विकास हो।"
अभ्यास प्रश्न
- कहानी की परिभाषा लिखिए।
- प्राचीन काल में कहानी का क्या उद्देश्य था?
- पंचतंत्र की कहानियाँ क्यों महत्वपूर्ण हैं?
उत्तर कुंजी
- कहानी एक ऐसी कथा है जिसमें घटना, पात्र और समस्या का क्रमबद्ध विकास होता है।
- प्राचीन काल में कहानी का उद्देश्य धर्म प्रचार और शिक्षा था।
- पंचतंत्र की कहानियाँ शिक्षाप्रद और नैतिक शिक्षा देने वाली हैं।
शब्दावली
- परिवेश: वातावरण
- द्वंद्व: संघर्ष या टकराव
- कथानक: कहानी की रूपरेखा
कहानी का कथानक
कथानक कहानी का केंद्रीय बिंदु होता है। यह कहानी की सभी घटनाओं और पात्रों का संक्षिप्त रूप होता है। कथानक में प्रारंभ, मध्य और अंत होते हैं। इसमें द्वंद्वात्मकता होती है जो कहानी को रोचक बनाती है। कथानक का देशकाल, स्थान और परिवेश कहानी को प्रामाणिक बनाते हैं। पात्रों का चरित्र-चित्रण उनके क्रियाकलापों, संवादों और अभिरुचियों के माध्यम से होता है।
मुख्य बिंदु
- कथानक का महत्व
- कथानक के तत्व: प्रारंभ, मध्य, अंत
- द्वंद्व की भूमिका
- देशकाल, स्थान और परिवेश
- पात्रों का चरित्र-चित्रण
पाठ्य प्रमाण
"कहानी का केंद्रीय बिंदु कथानक होता है।"
हल किए गए उदाहरण
प्रेमचंद की कहानी 'कफ़न' का कथानक संक्षेप में: दो गरीब किसान घीसू और माधव, बुधिया की प्रसव पीड़ा, कफ़न के लिए पैसे माँगना, पैसे शराब में खर्च करना।
अभ्यास प्रश्न
- कथानक क्या होता है? उदाहरण सहित समझाइए।
- कहानी में द्वंद्व का क्या महत्व है?
- पात्रों का चरित्र-चित्रण कैसे किया जाता है?
उत्तर कुंजी
- कथानक कहानी की घटनाओं और पात्रों का संक्षिप्त विवरण होता है।
- द्वंद्व कहानी को रोचक और गतिशील बनाता है।
- पात्रों का चरित्र-चित्रण उनके कार्यों, संवादों और अभिरुचियों से होता है।
शब्दावली
- कथानक: कहानी की रूपरेखा
- द्वंद्व: संघर्ष
- चरित्र-चित्रण: पात्रों का वर्णन
कहानी के पात्र और संवाद
कहानी में पात्रों के संवाद बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। संवाद पात्रों को स्थापित, विकसित करते हैं और कहानी को गति देते हैं। संवाद पात्रों के स्वभाव, विश्वासों और परिस्थितियों के अनुकूल होने चाहिए। संवाद छोटे, स्वाभाविक और उद्देश्य के प्रति सीधे लक्षित होने चाहिए।
मुख्य बिंदु
- संवाद का महत्व
- संवाद पात्रों के स्वभाव के अनुसार
- संवादों का संक्षिप्त और प्रभावी होना
पाठ्य प्रमाण
"संवाद ही कहानी को, पात्र को स्थापित, विकसित करते हैं और कहानी को गति देते हैं।"
अभ्यास प्रश्न
- कहानी में संवाद का क्या महत्व है?
- संवाद लिखते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
- संवादों को प्रभावी बनाने के उपाय बताइए।
उत्तर कुंजी
- संवाद कहानी को जीवंत और गतिशील बनाते हैं।
- संवाद पात्रों के स्वभाव और परिस्थितियों के अनुसार होने चाहिए।
- संवाद छोटे, स्वाभाविक और उद्देश्य के प्रति सीधे लक्षित होने चाहिए।
शब्दावली
- संवाद: पात्रों के बीच बातचीत
- स्वभाव: किसी व्यक्ति की प्राकृतिक प्रवृत्ति
- पृष्ठभूमि: किसी व्यक्ति या घटना का इतिहास
कहानी का चरम उत्कर्ष
कहानी का चरम उत्कर्ष (क्लाइमेक्स) वह बिंदु होता है जहाँ कहानी अपने चरम पर पहुँचती है। इसे ध्यानपूर्वक चित्रित करना चाहिए ताकि भावों की अभिव्यक्ति प्रभावशाली हो। चरम उत्कर्ष पाठक को सोचने और निर्णय लेने की स्वतंत्रता देता है।
मुख्य बिंदु
- चरम उत्कर्ष का महत्व
- भावों की प्रभावशाली अभिव्यक्ति
- पाठक की स्वतंत्रता
पाठ्य प्रमाण
"कथानक के अनुसार कहानी चरम उत्कर्ष की ओर बढ़ती है।"
अभ्यास प्रश्न
- चरम उत्कर्ष क्या होता है?
- चरम उत्कर्ष को प्रभावशाली बनाने के उपाय क्या हैं?
- पाठक को चरम उत्कर्ष में क्या अनुभव होना चाहिए?
उत्तर कुंजी
- चरम उत्कर्ष कहानी का सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील भाग होता है।
- भावों की सटीक और संयमित अभिव्यक्ति से चरम उत्कर्ष प्रभावशाली बनता है।
- पाठक को सोचने और निर्णय लेने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए।
शब्दावली
- चरम उत्कर्ष: कहानी का सबसे ऊँचा भावनात्मक बिंदु
- क्लाइमेक्स: चरम उत्कर्ष का अंग्रेज़ी शब्द
- अभिव्यक्ति: भावों का प्रकट होना
कहानी लेखन का अनुभव
लेखक कृष्णा सोबती ने अपनी पहली कहानी के अनुभव को साझा किया। उन्होंने बताया कि उनकी पहली कहानी एक प्रेम-कहानी थी, जो दुखांत थी। उन्होंने अपने जीवन के अनुभवों को कहानी में प्रस्तुत किया। कहानी लेखन का सबसे अच्छा तरीका अच्छी कहानियाँ पढ़ना और उनका विश्लेषण करना है।
मुख्य बिंदु
- पहली कहानी का विषय और अनुभव
- कहानी लेखन की प्रक्रिया
- अच्छी कहानियाँ पढ़ने का महत्व
पाठ्य प्रमाण
"कहानी लिखने की कला सीखने का सबसे अच्छा और सीधा रास्ता यह है कि अच्छी कहानियाँ पढ़ी जाएँ और उनका विश्लेषण किया जाए।"
अभ्यास प्रश्न
- लेखक ने अपनी पहली कहानी के बारे में क्या कहा?
- कहानी लेखन सीखने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?
- आप अपनी पहली कहानी किस विषय पर लिखना चाहेंगे? कारण सहित लिखिए।
उत्तर कुंजी
- लेखक ने कहा कि उनकी पहली कहानी एक दुखांत प्रेम-कहानी थी।
- कहानी लेखन सीखने का सबसे अच्छा तरीका अच्छी कहानियाँ पढ़ना और उनका विश्लेषण करना है।
- व्यक्तिगत उत्तर, पर कारण स्पष्ट होना चाहिए।
शब्दावली
- दुखांत: दुखद अंत वाली
- विश्लेषण: गहराई से अध्ययन
- अनुभव: जीवन में प्राप्त ज्ञान

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1
जनसंचार माध्यम
1
विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
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पत्रकारिता के विविध आयाम
2
पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
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डायरी लिखने की कला
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विशेष लेखन— स्वरूप और प्रकार
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कथा-पटकथा
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कैसे बनती है कविता
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नाटक लिखने का व्याकरण
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कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया
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कैसे लिखें कहानी
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स्ववृत्त(बायोडाटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र
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कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण
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कोश-एक परिचय
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कैसे बनता है रेडियो नाटक
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नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन
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आत्मपरिचय
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एक गीत
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पतंग
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कविता के बहाने
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बात सीधी थी पर
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कैमरे में बंद अपाहिज
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उषा
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बादल राग
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कवितावली (उत्तर कांड से)
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लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप
11
रुबाइयाँ
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छोटा मेरा खेत
13
बगुलों के पंख
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भक्तिन
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बाज़ार दर्शन
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काले मेघा पानी दे
17
पहलवान की ढोलक
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शिरीष के फूल
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श्रम विभाजन और जाति-प्रथा
20
मेरी कल्पना का आदर्श-समाज
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सिल्वर वैडिंग
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जूझ
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अतीत में दबे पाँव