CLASS 12-PCM . HINDI . अभिव्यक्ति और माध्यम भाग 2 . स्ववृत्त बायोडाटा-लेखन-और-रोज़गार-संबंधी-आवेदन-पत्र
Chapter 6 : स्ववृत्त(बायोडाटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र
Ch 6
HINDI
CLASS 12-PCM
स्ववृत्त का परिचय
स्ववृत्त एक विशेष प्रकार का लेखन है जिसमें व्यक्ति विशेष के बारे में किसी विशेष प्रयोजन के लिए सूचनाएँ सिलसिलेवार ढंग से संकलित की जाती हैं। यह उम्मीदवार का प्रतिनिधि होता है जो नियोक्ता को उसकी योग्यताओं, अनुभवों और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की जानकारी देता है। स्ववृत्त की भाषा सरल, सीधी, सटीक और साफ़ होनी चाहिए ताकि पढ़ने वाले को तुरंत समझ आ जाए और अर्थ निकालने के लिए दिमाग पर ज़ोर न डालना पड़े।
मुख्य बिंदु
- स्ववृत्त में ईमानदारी आवश्यक है, झूठे दावे या अतिशयोक्ति से बचना चाहिए।
- स्ववृत्त न तो बहुत लंबा हो और न ही बहुत छोटा।
- स्ववृत्त साफ़-सुथरे ढंग से टंकित या कंप्यूटर-मुद्रित होना चाहिए।
- व्याकरण संबंधी त्रुटियाँ नहीं होनी चाहिए।
- स्ववृत्त उम्मीदवार का पहला प्रभाव होता है जो नियोक्ता को आकर्षित करता है।
पाठ्य प्रमाण
“स्ववृत्त एक विशेष प्रकार का लेखन है, जिसमें व्यक्ति विशेष के बारे में किसी विशेष प्रयोजन को ध्यान में रखकर सिलसिलेवार ढंग से सूचनाएँ संकलित की जाती हैं।”
हल किए गए उदाहरण
नरेंद्र का स्ववृत्त जिसमें उसने अपने नाम, जन्मतिथि, शैक्षणिक योग्यताएँ, पुरस्कार, और कार्येतर गतिविधियाँ शामिल कीं।
अभ्यास प्रश्न
- स्ववृत्त क्या है? इसकी भाषा शैली कैसी होनी चाहिए? (सरल)
- स्ववृत्त में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? (मध्यम)
- स्ववृत्त के दो पक्ष कौन-कौन से होते हैं? समझाइए। (कठिन)
उत्तर कुंजी
- स्ववृत्त व्यक्ति के बारे में सूचनाओं का सिलसिलेवार संकलन होता है। इसकी भाषा सरल, सीधी, सटीक और साफ़ होनी चाहिए।
- ईमानदारी, साफ़-सुथरापन, व्याकरण की शुद्धता, उचित लंबाई आदि का ध्यान रखना चाहिए।
- पहला पक्ष वह व्यक्ति है जिसके बारे में सूचनाएँ दी जाती हैं (उम्मीदवार), दूसरा पक्ष वह संस्था या व्यक्ति है जिसके लिए सूचनाएँ संकलित की जाती हैं (नियोक्ता)।
त्वरित संदर्भ
स्ववृत्त = व्यक्ति परिचय + शैक्षणिक योग्यता + अनुभव + कार्येतर गतिविधियाँ + संदर्भ व्यक्ति।
शब्दावली
- स्ववृत्त: बायोडाटा
- नियोक्ता: नौकरी देने वाला
- उम्मीदवार: नौकरी के लिए आवेदन करने वाला
- व्याकरण: भाषा के नियम
स्ववृत्त के अवयव
स्ववृत्त में विभिन्न अवयव होते हैं जो उम्मीदवार की पूरी जानकारी देते हैं। इनमें व्यक्ति परिचय, शैक्षणिक योग्यताएँ, अनुभव, प्रशिक्षण, उपलब्धियाँ, कार्येतर गतिविधियाँ और संदर्भ व्यक्ति शामिल होते हैं।
मुख्य बिंदु
- व्यक्ति परिचय में नाम, जन्मतिथि, पता, फोन नंबर, ईमेल आदि शामिल होते हैं।
- शैक्षणिक योग्यताओं को सारणीबद्ध रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
- अनुभव और प्रशिक्षण का उल्लेख आवश्यक हो तो किया जाता है।
- कार्येतर गतिविधियाँ उम्मीदवार के व्यक्तित्व को दर्शाती हैं।
- संदर्भ व्यक्ति के नाम और संपर्क विवरण भी दिए जा सकते हैं।
पाठ्य प्रमाण
“व्यक्ति परिचय के अंतर्गत उम्मीदवार का नाम, जन्मतिथि, उम्र, पत्र व्यवहार का पता, टेलीफ़ोन नंबर, ई–मेल का पता आदि सूचनाएँ दी जाती हैं।”
हल किए गए उदाहरण
नरेंद्र ने अपने स्ववृत्त में भाषण और वाद-विवाद में पुरस्कारों का उल्लेख किया जो उसकी वाक्पटुता को दर्शाता है।
अभ्यास प्रश्न
- स्ववृत्त में व्यक्ति परिचय में क्या-क्या शामिल होता है? (सरल)
- शैक्षणिक योग्यताओं को स्ववृत्त में कैसे प्रस्तुत किया जाता है? (मध्यम)
- कार्येतर गतिविधियों का स्ववृत्त में क्या महत्व है? (कठिन)
उत्तर कुंजी
- नाम, जन्मतिथि, पता, फोन नंबर, ईमेल आदि।
- सारणी के रूप में जिसमें डिग्री, संस्थान, वर्ष, विषय, प्राप्तांक आदि शामिल हों।
- यह उम्मीदवार के व्यक्तित्व और योग्यता को दर्शाती हैं और नियोक्ता के लिए महत्वपूर्ण होती हैं।
त्वरित संदर्भ
व्यक्ति परिचय → शैक्षणिक योग्यता → अनुभव → कार्येतर गतिविधियाँ → संदर्भ व्यक्ति।
शब्दावली
- व्यक्ति परिचय: उम्मीदवार की मूल जानकारी
- शैक्षणिक योग्यता: पढ़ाई से संबंधित विवरण
- कार्येतर गतिविधियाँ: अतिरिक्त गतिविधियाँ जो व्यक्तित्व दर्शाती हैं
आवेदन पत्र और उसका महत्व
स्ववृत्त के साथ आवेदन पत्र भी भेजना आवश्यक होता है। आवेदन पत्र उम्मीदवार की पद के प्रति गंभीरता और अभिरुचि को दर्शाता है। यह नियोक्ता को यह विश्वास दिलाता है कि उम्मीदवार पद के लिए उपयुक्त और प्रतिबद्ध है।
मुख्य बिंदु
- आवेदन पत्र में भूमिका, योग्यताओं का वर्णन, पद के प्रति गंभीरता और उपसंहार होते हैं।
- यह भाषा-ज्ञान और अभिव्यक्ति क्षमता को दर्शाता है।
- हर विज्ञापन के लिए आवेदन पत्र विशेष रूप से लिखा जाता है।
पाठ्य प्रमाण
“आवेदन पत्र हर विज्ञापन के लिए विशेषतौर पर लिखे जाते हैं। ये उम्मीदवार के भाषा–ज्ञान और अभिव्यक्ति की क्षमता की जानकारी देते हैं।”
हल किए गए उदाहरण
नरेंद्र ने इंडिया केमिकल्स लिमिटेड के लिए आवेदन पत्र लिखा जिसमें उसने अपनी योग्यताओं और पद के प्रति गंभीरता व्यक्त की।
अभ्यास प्रश्न
- आवेदन पत्र का उद्देश्य क्या होता है? (सरल)
- आवेदन पत्र के मुख्य भाग कौन-कौन से होते हैं? (मध्यम)
- आवेदन पत्र और स्ववृत्त में क्या अंतर है? (कठिन)
उत्तर कुंजी
- उम्मीदवार की पद के प्रति गंभीरता और योग्यता दिखाना।
- भूमिका, योग्यताओं का वर्णन, पद के प्रति गंभीरता, उपसंहार।
- स्ववृत्त सूचनाओं का सिलसिलेवार संकलन है, जबकि आवेदन पत्र व्यक्तिगत अभिव्यक्ति और पद के प्रति गंभीरता दर्शाता है।
त्वरित संदर्भ
आवेदन पत्र = भूमिका + योग्यताओं का वर्णन + गंभीरता + उपसंहार।
शब्दावली
- आवेदन पत्र: नौकरी के लिए लिखित निवेदन
- भूमिका: परिचयात्मक भाग
- उपसंहार: समापन भाग
नरेंद्र का आवेदन पत्र जो उसने इंडिया केमिकल्स लिमिटेड के लिए लिखा था।
दो महीने बाद मुंबई में चाचा जी के फ्लैट की घंटी बजी। दरवाज़ा खोलने पर नरेंद्र मिठाई का डिब्बा और गरम सूट का पैकेट लेकर खड़ा था। चाचा जी ने उसे गले लगाकर बधाई दी।
यह सफलता स्ववृत्त और आवेदन पत्र की सही तैयारी का परिणाम थी।
HINDI — ALL CHAPTERS
1
जनसंचार माध्यम
1
विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
2
पत्रकारिता के विविध आयाम
2
पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
3
डायरी लिखने की कला
3
विशेष लेखन— स्वरूप और प्रकार
4
कथा-पटकथा
4
कैसे बनती है कविता
5
नाटक लिखने का व्याकरण
5
कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया
6
कैसे लिखें कहानी
6
स्ववृत्त(बायोडाटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र
7
कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण
7
कोश-एक परिचय
8
कैसे बनता है रेडियो नाटक
9
नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन
1
आत्मपरिचय
2
एक गीत
3
पतंग
4
कविता के बहाने
5
बात सीधी थी पर
6
कैमरे में बंद अपाहिज
7
उषा
8
बादल राग
9
कवितावली (उत्तर कांड से)
10
लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप
11
रुबाइयाँ
12
छोटा मेरा खेत
13
बगुलों के पंख
14
भक्तिन
15
बाज़ार दर्शन
16
काले मेघा पानी दे
17
पहलवान की ढोलक
18
शिरीष के फूल
19
श्रम विभाजन और जाति-प्रथा
20
मेरी कल्पना का आदर्श-समाज
1
सिल्वर वैडिंग
2
जूझ
3
अतीत में दबे पाँव