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CLASS 12-PCM . HINDI . अभिव्यक्ति और माध्यम भाग 2 . विभिन्न माध्यमों-के-लिए-लेखन

Chapter 1 : विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

Ch 1

HINDI

CLASS 12-PCM

लेखन का रचनात्मक स्वरूप

खबर लिखना बहुत ही रचनात्मक काम हो सकता है। यह कविता लिखने जितना ही सृजनात्मक होता है। दोनों का उद्देश्य मनुष्य और समाज को ताकत पहुँचाना होता है। खबर में लेखक तथ्यों को बदल नहीं सकता, परंतु दो या दो से अधिक तथ्यों के मेल से असलियत को उजागर कर सकता है।

मुख्य बिंदु

  • लेखन का उद्देश्य समाज को सशक्त बनाना है।
  • लेखक को तथ्यों में कोई बदलाव नहीं करना चाहिए।
  • तथ्यों के संयोजन से वास्तविकता सामने आती है।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

रघुवीर सहाय, हिंदी के प्रमुख कवि और पत्रकार, ने कहा है कि खबर लिखना कविता लिखने जितना रचनात्मक होता है।

अभ्यास प्रश्न

  • खबर लेखन को रचनात्मक क्यों कहा जाता है?
  • खबर में लेखक किन बातों का ध्यान रखता है?

उत्तर कुंजी

  • खबर लेखन में रचनात्मकता इसलिए होती है क्योंकि इसमें तथ्यों को जोड़कर समाज को सशक्त किया जाता है।
  • लेखक खबर में तथ्यों को बिना बदले सही ढंग से प्रस्तुत करता है।

शब्दावली

  • रचनात्मकता: नई और सृजनात्मक सोच या कार्य।
  • तथ्य: वास्तविक जानकारी।

जनसंचार माध्यमों के लेखन शैली का परिचय

विभिन्न जनसंचार माध्यमों के लिए लेखन के अलग-अलग तरीके होते हैं। अखबार, रेडियो, टेलीविजन और इंटरनेट के लिए लेखन की शैलियाँ भिन्न होती हैं। प्रत्येक माध्यम की अपनी विशेषताएँ और आवश्यकताएँ होती हैं, जिन्हें समझना आवश्यक है।

मुख्य बिंदु

  • अखबार में छपे हुए शब्दों का उपयोग होता है।
  • रेडियो में बोले हुए शब्दों का महत्व होता है।
  • टेलीविजन में दृश्य और शब्द दोनों का संयोजन होता है।
  • इंटरनेट पर पढ़ने, सुनने और देखने की सुविधा होती है।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

टीवी पर समाचार देखने, रेडियो पर सुनने और अखबार पढ़ने पर लेखन शैली में स्पष्ट अंतर महसूस होता है।

अभ्यास प्रश्न

  • जनसंचार के विभिन्न माध्यमों में लेखन शैली में क्या अंतर होता है?
  • इंटरनेट पत्रकारिता की विशेषताएँ क्या हैं?

उत्तर कुंजी

  • अखबार में लिखित भाषा होती है, रेडियो में मौखिक भाषा और टीवी में दृश्यात्मक भाषा का प्रयोग होता है।
  • इंटरनेट पत्रकारिता में सूचना का त्वरित आदान-प्रदान और व्यापक पहुँच होती है।

शब्दावली

  • जनसंचार: सूचना का प्रसार करने वाला माध्यम।
  • लेखन शैली: किसी माध्यम के अनुसार लेखन का तरीका।

मुद्रित माध्यमों की विशेषताएँ और सीमाएँ

मुद्रित माध्यम जैसे अखबार, पत्रिकाएँ और पुस्तकें स्थायी और गंभीर लेखन के लिए उपयुक्त हैं। इनकी कुछ विशेषताएँ और सीमाएँ होती हैं जिन्हें समझना आवश्यक है।

मुख्य बिंदु

  • स्थायित्व: मुद्रित शब्दों को बार-बार पढ़ा जा सकता है।
  • भाषा अनुशासन: व्याकरण, वर्तनी और शैली का ध्यान रखना आवश्यक।
  • समय-सीमा (डेडलाइन) का पालन जरूरी।
  • जगह की सीमा: लेखन में शब्दों की संख्या सीमित होती है।
  • निरक्षरों के लिए उपयुक्त नहीं।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

अखबार में 250 शब्दों की रिपोर्ट लिखने के लिए लेखक को शब्द सीमा का ध्यान रखना पड़ता है।

अभ्यास प्रश्न

  • मुद्रित माध्यमों की प्रमुख विशेषताएँ क्या हैं?
  • डेडलाइन का महत्व क्यों है?

उत्तर कुंजी

  • मुद्रित माध्यम स्थायी होते हैं और गंभीर विचारों के लिए उपयुक्त हैं।
  • डेडलाइन से प्रकाशन समय सुनिश्चित होता है।

शब्दावली

  • डेडलाइन: प्रकाशन की अंतिम समय-सीमा।
  • स्थायित्व: लंबे समय तक बने रहने की क्षमता।

रेडियो समाचार लेखन की विशेषताएँ

रेडियो समाचार सुनने के लिए होते हैं, इसलिए उनकी भाषा सरल, स्पष्ट और सुनने में सहज होनी चाहिए। रेडियो समाचार की संरचना उलटा पिरामिड शैली पर आधारित होती है।

मुख्य बिंदु

  • उलटा पिरामिड शैली: सबसे महत्वपूर्ण तथ्य पहले।
  • साफ-सुथरी और टाइप्ड कॉपी आवश्यक।
  • संख्या और तिथियों का विशेष ध्यान।
  • डेडलाइन और संदर्भ का सही प्रयोग।
  • संक्षिप्ताक्षरों का सीमित उपयोग।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में एक बस दुर्घटना में आज बीस लोगों की मौत हो गई।"

अभ्यास प्रश्न

  • रेडियो समाचार लेखन में उलटा पिरामिड शैली क्या है?
  • रेडियो समाचार के लिए भाषा में किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

उत्तर कुंजी

  • उलटा पिरामिड शैली में सबसे महत्वपूर्ण सूचना पहले दी जाती है।
  • भाषा सरल, स्पष्ट और सुनने में आसान होनी चाहिए।

शब्दावली

  • उलटा पिरामिड: सूचना को महत्त्व के अनुसार क्रमबद्ध करने की शैली।
  • कॉपी: समाचार का लिखित प्रारूप।

टेलीविजन समाचार लेखन की विशेषताएँ

टेलीविजन समाचार में दृश्य और शब्दों का संयोजन होता है। खबर को कम शब्दों में प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना आवश्यक होता है।

मुख्य बिंदु

  • दृश्य के अनुसार लेखन।
  • खबर दो हिस्सों में: एंकर द्वारा पढ़ा गया भाग और दृश्य।
  • टीवी खबरों के विभिन्न चरण: फ्लैश, ड्राई एंकर, फोन-इन, एंकर-विजुअल, एंकर-बाइट, लाइव, एंकर-पैकेज।
  • ध्वनियों का महत्व: प्राकृतिक आवाज़ें (नेट साउंड) और बाइट।
  • सरल और संप्रेषणीय भाषा का प्रयोग।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

दिल्ली के लाजपत नगर की दुकान में आग लगने की खबर टीवी पर दृश्य और शब्दों के साथ प्रस्तुत की जाती है।

अभ्यास प्रश्न

  • टीवी समाचार लेखन में दृश्य और शब्दों का क्या महत्व है?
  • टीवी खबरों के कौन-कौन से चरण होते हैं?

उत्तर कुंजी

  • दृश्य समाचार को जीवंत और प्रभावी बनाते हैं।
  • टीवी खबरों के चरणों में फ्लैश, ड्राई एंकर, फोन-इन, एंकर-विजुअल, एंकर-बाइट, लाइव और एंकर-पैकेज शामिल हैं।

शब्दावली

  • एंकर: समाचार प्रस्तुत करने वाला व्यक्ति।
  • बाइट: किसी व्यक्ति का कथन।
  • नेट साउंड: प्राकृतिक आवाज़ें।

इंटरनेट पत्रकारिता का परिचय और विकास

इंटरनेट पत्रकारिता सूचना के त्वरित आदान-प्रदान का माध्यम है, जो विश्व स्तर पर तेजी से विकसित हो रही है। भारत में भी इसका विस्तार हो रहा है।

मुख्य बिंदु

  • इंटरनेट पत्रकारिता के दो रूप: सूचना का प्रसार और रिपोर्टिंग।
  • विश्व स्तर पर इंटरनेट पत्रकारिता के तीन दौर: 1982-1992, 1993-2001, 2002 से वर्तमान।
  • भारत में इंटरनेट पत्रकारिता का विकास और प्रमुख साइटें।
  • हिंदी नेट संसार और उसकी चुनौतियाँ।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

‘रीडिफ़ डॉटकॉम’ और ‘तहलका डॉटकॉम’ हिंदी इंटरनेट पत्रकारिता के प्रमुख उदाहरण हैं।

अभ्यास प्रश्न

  • इंटरनेट पत्रकारिता के विकास के मुख्य चरण क्या हैं?
  • हिंदी इंटरनेट पत्रकारिता की प्रमुख समस्याएँ क्या हैं?

उत्तर कुंजी

  • इंटरनेट पत्रकारिता के तीन दौर हैं, जिनमें तकनीकी और सामग्री विकास हुआ।
  • हिंदी इंटरनेट पत्रकारिता में फ़ॉन्ट और की-बोर्ड की समस्या प्रमुख है।

शब्दावली

  • इंटरनेट पत्रकारिता: इंटरनेट के माध्यम से समाचार और जानकारी का प्रसार।
  • वेब ब्राउज़र: इंटरनेट पर सामग्री देखने का उपकरण।
  • फ़ॉन्ट: अक्षरों का डिज़ाइन।

HINDI — ALL CHAPTERS

1

जनसंचार माध्यम

1

विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

2

पत्रकारिता के विविध आयाम

2

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

3

डायरी लिखने की कला

3

विशेष लेखन— स्वरूप और प्रकार

4

कथा-पटकथा

4

कैसे बनती है कविता

5

नाटक लिखने का व्याकरण

5

कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया

6

कैसे लिखें कहानी

6

स्ववृत्त(बायोडाटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र

7

कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण

7

कोश-एक परिचय

8

कैसे बनता है रेडियो नाटक

9

नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन

1

आत्मपरिचय

2

एक गीत

3

पतंग

4

कविता के बहाने

5

बात सीधी थी पर

6

कैमरे में बंद अपाहिज

7

उषा

8

बादल राग

9

कवितावली (उत्तर कांड से)

10

लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप

11

रुबाइयाँ

12

छोटा मेरा खेत

13

बगुलों के पंख

14

भक्तिन

15

बाज़ार दर्शन

16

काले मेघा पानी दे

17

पहलवान की ढोलक

18

शिरीष के फूल

19

श्रम विभाजन और जाति-प्रथा

20

मेरी कल्पना का आदर्श-समाज

1

सिल्वर वैडिंग

2

जूझ

3

अतीत में दबे पाँव