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पत्रकारिता-के-विविध-आयाम

CLASS 12-PCM . HINDI . अभिव्यक्ति और माध्यम भाग 2 . पत्रकारिता के-विविध-आयाम

Chapter 2 : पत्रकारिता के विविध आयाम

Ch 2

HINDI

CLASS 12-PCM

पत्रकारिता का परिचय

पत्रकारिता सूचनाओं को संकलित, संपादित और आम जनता तक पहुँचाने की प्रक्रिया है। यह केवल समाचारों का संकलन नहीं, बल्कि संपादकीय, लेख, कार्टून और फ़ोटो के माध्यम से समाज को जागरूक करने का माध्यम भी है। पत्रकारिता का मूल तत्व जिज्ञासा है, जो मनुष्य को अपने आस-पास की घटनाओं और लोगों की जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रेरित करती है।

मुख्य बिंदु

  • सूचना और समाचार में अंतर
  • पत्रकारिता के विभिन्न प्रकार: खोजपरक, वॉचडॉग, एडवोकेसी पत्रकारिता
  • पत्रकारिता का सामाजिक और नैतिक मूल्य

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"माध्यम ही संदेश है।" —मार्शल मैकलुहान

हल किए गए उदाहरण

एक संवाद में दो मित्रों के बीच समाचार के महत्व पर चर्चा।

अभ्यास प्रश्न

  • पत्रकारिता का मूल तत्व क्या है?
  • पत्रकारिता के प्रमुख प्रकार कौन-कौन से हैं?
  • पत्रकारिता का समाज में क्या महत्व है?

उत्तर कुंजी

  • पत्रकारिता का मूल तत्व जिज्ञासा है।
  • खोजपरक, वॉचडॉग, एडवोकेसी पत्रकारिता प्रमुख प्रकार हैं।
  • यह समाज को जागरूक करने और सूचनाएँ पहुँचाने का माध्यम है।

त्वरित संदर्भ

पत्रकारिता सूचना संकलन, संपादन और प्रसारण की प्रक्रिया है जो समाज को जागरूक करती है।

शब्दावली

  • पत्रकारिता: समाचार संकलन और प्रसारण की प्रक्रिया।
  • खोजपरक पत्रकारिता: गहराई से छान-बीन कर तथ्य सामने लाना।
  • वॉचडॉग पत्रकारिता: सरकार और संस्थाओं पर निगरानी रखना।
  • एडवोकेसी पत्रकारिता: किसी मुद्दे के पक्ष में जनमत बनाना।

समाचार और सूचना

हर सूचना समाचार नहीं होती। समाचार वह ताज़ा घटना, विचार या समस्या है जिसमें अधिक से अधिक लोगों की रुचि हो और जिसका प्रभाव व्यापक हो। समाचार माध्यमों में तथ्यपरकता, निष्पक्षता और संतुलन जैसे सिद्धांतों का पालन आवश्यक है।

मुख्य बिंदु

  • समाचार की परिभाषा और तत्त्व
  • नवीनता, निकटता, प्रभाव, जनरुचि, टकराव, महत्त्वपूर्ण लोग, उपयोगी जानकारियाँ, अनोखापन, पाठक वर्ग, नीतिगत ढाँचा
  • समाचार के चयन में पत्रकार और समाचार संगठन की भूमिका

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"समाचार किसी भी ऐसी ताज़ा घटना, विचार या समस्या की रिपोर्ट है जिसमें अधिक से अधिक लोगों की रुचि हो और जिसका अधिक से अधिक लोगों पर प्रभाव पड़ रहा हो।"

हल किए गए उदाहरण

एक समाचारपत्र में दो अलग-अलग खबरों के चयन पर चर्चा।

अभ्यास प्रश्न

  • समाचार और सूचना में क्या अंतर है?
  • समाचार बनने के लिए कौन-कौन से तत्त्व आवश्यक हैं?
  • पत्रकारिता में तथ्यपरकता का क्या महत्व है?

उत्तर कुंजी

  • हर सूचना समाचार नहीं होती, समाचार ताज़ा और प्रभावशाली सूचना होती है।
  • नवीनता, निकटता, प्रभाव, जनरुचि आदि तत्त्व आवश्यक हैं।
  • तथ्यपरकता से समाचार विश्वसनीय बनता है।

त्वरित संदर्भ

समाचार वह सूचना है जो ताज़ा, प्रभावशाली और जनरुचि वाली होती है।

शब्दावली

  • नवीनता: ताज़ा या नया होना।
  • निकटता: घटना का पाठकों के करीब होना।
  • प्रभाव: घटना का व्यापक असर।
  • जनरुचि: लोगों की रुचि।
  • तथ्यपरकता: तथ्य आधारित होना।

पत्रकारिता के सिद्धांत

पत्रकारिता में तथ्यपरकता, वस्तुपरकता, निष्पक्षता, संतुलन और स्रोत जैसे सिद्धांतों का पालन आवश्यक है। ये सिद्धांत पत्रकारिता की विश्वसनीयता और सामाजिक जिम्मेदारी सुनिश्चित करते हैं।

मुख्य बिंदु

  • तथ्य बनाम सत्य का अंतर
  • तथ्यों की शुद्धता (एक्यूरेसी)
  • वस्तुपरकता (ऑब्जेक्टिविटी)
  • निष्पक्षता (फेयरनेस)
  • संतुलन (बैलेंस)
  • स्रोत (सोर्सिंग)

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

छह अंधों और एक हाथी की कहानी से तथ्य और सत्य के बीच अंतर समझाया गया है।

हल किए गए उदाहरण

पत्रकारिता में वस्तुपरकता और तथ्यपरकता के उदाहरण।

अभ्यास प्रश्न

  • तथ्यपरकता और वस्तुपरकता में क्या अंतर है?
  • पत्रकारिता में निष्पक्षता क्यों आवश्यक है?
  • स्रोत का महत्व समझाइए।

उत्तर कुंजी

  • तथ्यपरकता तथ्य आधारित होती है, वस्तुपरकता दृष्टिकोण से प्रभावित नहीं होना।
  • निष्पक्षता से समाचार संगठन की साख बनती है।
  • स्रोत से समाचार की विश्वसनीयता सुनिश्चित होती है।

त्वरित संदर्भ

पत्रकारिता के सिद्धांतों में तथ्यपरकता, वस्तुपरकता, निष्पक्षता, संतुलन और स्रोत शामिल हैं।

शब्दावली

  • तथ्यपरकता: तथ्य आधारित होना।
  • वस्तुपरकता: निष्पक्ष दृष्टिकोण।
  • निष्पक्षता: बिना पक्षपात के।
  • संतुलन: सभी पक्षों को स्थान देना।
  • स्रोत: सूचना का मूल स्थान।

पत्रकारिता के प्रकार

पत्रकारिता के विभिन्न प्रकार हैं जो समाज में अलग-अलग भूमिका निभाते हैं। इनमें खोजपरक पत्रकारिता, विशिष्टीकृत पत्रकारिता, वॉचडॉग पत्रकारिता, एडवोकेसी पत्रकारिता और वैकल्पिक पत्रकारिता प्रमुख हैं।

मुख्य बिंदु

  • खोजपरक पत्रकारिता: गहराई से छान-बीन कर तथ्य सामने लाना।
  • विशिष्टीकृत पत्रकारिता: विषय विशेषज्ञता के साथ रिपोर्टिंग।
  • वॉचडॉग पत्रकारिता: सरकार और संस्थाओं पर निगरानी।
  • एडवोकेसी पत्रकारिता: किसी मुद्दे के पक्ष में जनमत बनाना।
  • वैकल्पिक पत्रकारिता: मुख्यधारा के मीडिया के विकल्प के रूप में।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

वाटरगेट कांड खोजी पत्रकारिता का उदाहरण है।

हल किए गए उदाहरण

खोजपरक पत्रकारिता के एक मामले का विश्लेषण।

अभ्यास प्रश्न

  • खोजपरक पत्रकारिता क्या है?
  • वॉचडॉग पत्रकारिता का उद्देश्य क्या है?
  • एडवोकेसी पत्रकारिता किसे कहते हैं?

उत्तर कुंजी

  • खोजपरक पत्रकारिता में गुप्त तथ्यों को उजागर किया जाता है।
  • वॉचडॉग पत्रकारिता सरकार की निगरानी करती है।
  • एडवोकेसी पत्रकारिता किसी मुद्दे के पक्ष में जनमत बनाती है।

त्वरित संदर्भ

पत्रकारिता के प्रकार समाज में अलग-अलग भूमिका निभाते हैं।

शब्दावली

  • खोजपरक पत्रकारिता: गुप्त तथ्यों की खोज।
  • वॉचडॉग पत्रकारिता: निगरानी पत्रकारिता।
  • एडवोकेसी पत्रकारिता: पक्षधर पत्रकारिता।
  • वैकल्पिक पत्रकारिता: मुख्यधारा के मीडिया का विकल्प।

पत्रकारिता के मूल्य

पत्रकारिता सामाजिक और नैतिक मूल्यों से जुड़ी होती है। पत्रकारों से अपेक्षा की जाती है कि वे समाचारों में आग न भड़काएँ, व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का सम्मान करें और समाज में शांति बनाए रखें।

मुख्य बिंदु

  • सामाजिक जिम्मेदारी
  • नैतिकता और आचार संहिता
  • समाज में शांति और सद्भाव बनाए रखना

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

सांप्रदायिक दंगों में समाचारों की सावधानीपूर्वक प्रस्तुति।

हल किए गए उदाहरण

एक विवादित घटना पर समाचार लेखन में नैतिकता का पालन।

अभ्यास प्रश्न

  • पत्रकारिता में नैतिकता का क्या महत्व है?
  • समाज में शांति बनाए रखने में पत्रकारिता की भूमिका क्या है?
  • आचार संहिता का पालन क्यों आवश्यक है?

उत्तर कुंजी

  • नैतिकता से पत्रकारिता विश्वसनीय और सम्मानित बनती है।
  • शांति बनाए रखने के लिए समाचारों में सावधानी जरूरी है।
  • आचार संहिता से व्यक्तिगत और सामाजिक हित सुरक्षित रहते हैं।

त्वरित संदर्भ

पत्रकारिता सामाजिक और नैतिक जिम्मेदारी निभाती है।

शब्दावली

  • नैतिकता: सही और गलत का ज्ञान।
  • आचार संहिता: व्यवहार के नियम।
  • सामाजिक जिम्मेदारी: समाज के प्रति कर्तव्य।

संपादकीय, फ़ोटो पत्रकारिता, कार्टून, रेखांकन और कार्टोग्राफ़

समाचारपत्रों में संपादकीय पृष्ठ पर अखबार अपनी राय व्यक्त करता है। फ़ोटो पत्रकारिता तस्वीरों के माध्यम से समाचार को प्रभावी बनाती है। कार्टून चुटीली टिप्पणियों के लिए उपयोगी होते हैं। रेखांकन और कार्टोग्राफ़ समाचारों को रोचक और समझने योग्य बनाते हैं।

मुख्य बिंदु

  • संपादकीय: समाचारपत्र की राय
  • फ़ोटो पत्रकारिता: तस्वीरों का महत्व
  • कार्टून: व्यंग्य और टिप्पणी
  • रेखांकन और कार्टोग्राफ़: आंकड़ों का दृश्य प्रस्तुतीकरण

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

संपादकीय पृष्ठ का महत्व और फ़ोटो पत्रकारिता की भूमिका।

हल किए गए उदाहरण

एक समाचारपत्र के संपादकीय पृष्ठ का विश्लेषण।

अभ्यास प्रश्न

  • संपादकीय का क्या महत्व है?
  • फ़ोटो पत्रकारिता समाचार को कैसे प्रभावी बनाती है?
  • कार्टून और रेखांकन का समाचारपत्र में क्या स्थान है?

उत्तर कुंजी

  • संपादकीय समाचारपत्र की राय व्यक्त करता है।
  • फ़ोटो पत्रकारिता तस्वीरों से भावनाएँ व्यक्त करती है।
  • कार्टून और रेखांकन समाचार को रोचक और समझने योग्य बनाते हैं।

त्वरित संदर्भ

संपादकीय, फ़ोटो, कार्टून और रेखांकन समाचारपत्र के महत्वपूर्ण अंग हैं।

शब्दावली

  • संपादकीय: समाचारपत्र की राय।
  • फ़ोटो पत्रकारिता: तस्वीरों के माध्यम से समाचार।
  • कार्टून: व्यंग्यात्मक चित्र।
  • रेखांकन: आंकड़ों का चित्रण।
  • कार्टोग्राफ़: मानचित्र या ग्राफ़।

वैकल्पिक पत्रकारिता और मीडिया का व्यापारीकरण

वैकल्पिक पत्रकारिता मुख्यधारा के मीडिया के विकल्प के रूप में स्थापित होती है और आमतौर पर पूँजीवादी प्रभाव से मुक्त होती है। वहीं, मीडिया का व्यापारीकरण समाचारों को मनोरंजन की ओर ले जा रहा है, जिससे सूचना की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

मुख्य बिंदु

  • मुख्यधारा और वैकल्पिक मीडिया का अंतर
  • मीडिया का व्यापारीकरण और सूचना का मनोरंजन में बदलना
  • समाचारों में विविधता और केंद्रीकरण की समस्या
  • सूचनारंजन (इन्फोटेनमेंट) का प्रभाव

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

सूचनारंजन चैनलों का उदय और समाचारों का मनोरंजन में बदलना।

हल किए गए उदाहरण

एक समाचार चैनल के कार्यक्रमों का विश्लेषण।

अभ्यास प्रश्न

  • वैकल्पिक पत्रकारिता क्या है?
  • मीडिया के व्यापारीकरण के क्या दुष्परिणाम हैं?
  • सूचनारंजन का समाचार मीडिया पर क्या प्रभाव पड़ा है?

उत्तर कुंजी

  • वैकल्पिक पत्रकारिता पूँजीवादी प्रभाव से मुक्त होती है।
  • व्यापारीकरण से समाचारों की गुणवत्ता प्रभावित होती है।
  • सूचनारंजन से सूचना की जगह मनोरंजन बढ़ा है।

त्वरित संदर्भ

मीडिया में व्यापारीकरण और वैकल्पिक पत्रकारिता के बीच अंतर।

शब्दावली

  • वैकल्पिक पत्रकारिता: मुख्यधारा के मीडिया का विकल्प।
  • व्यापारीकरण: मुनाफे के लिए काम करना।
  • सूचनारंजन: सूचना और मनोरंजन का मिश्रण।

HINDI — ALL CHAPTERS

1

जनसंचार माध्यम

1

विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

2

पत्रकारिता के विविध आयाम

2

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

3

डायरी लिखने की कला

3

विशेष लेखन— स्वरूप और प्रकार

4

कथा-पटकथा

4

कैसे बनती है कविता

5

नाटक लिखने का व्याकरण

5

कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया

6

कैसे लिखें कहानी

6

स्ववृत्त(बायोडाटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र

7

कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण

7

कोश-एक परिचय

8

कैसे बनता है रेडियो नाटक

9

नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन

1

आत्मपरिचय

2

एक गीत

3

पतंग

4

कविता के बहाने

5

बात सीधी थी पर

6

कैमरे में बंद अपाहिज

7

उषा

8

बादल राग

9

कवितावली (उत्तर कांड से)

10

लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप

11

रुबाइयाँ

12

छोटा मेरा खेत

13

बगुलों के पंख

14

भक्तिन

15

बाज़ार दर्शन

16

काले मेघा पानी दे

17

पहलवान की ढोलक

18

शिरीष के फूल

19

श्रम विभाजन और जाति-प्रथा

20

मेरी कल्पना का आदर्श-समाज

1

सिल्वर वैडिंग

2

जूझ

3

अतीत में दबे पाँव