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काले-मेघा-पानी-दे

CLASS 12-PCM . HINDI . आरोह भाग 2 . काले मेघा-पानी-दे

Chapter 16 : काले मेघा पानी दे

Ch 16

HINDI

CLASS 12-PCM

धर्मवीर भारती का परिचय

धर्मवीर भारती सन् 1926 में इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) में जन्मे एक प्रमुख हिंदी साहित्यकार थे। उन्होंने कविता, कहानी, उपन्यास, गीतिनाट्य, निबंध और रिपोर्ताज जैसी विभिन्न विधाओं में महत्वपूर्ण रचनाएँ दीं। उनकी प्रमुख रचनाओं में "कनुप्रिया", "सात-गीत वर्ष", "ठंडा लोहा" (कविता संग्रह), "बंद गली का आखिरी मकान" (कहानी संग्रह), "सूरज का सातवाँ घोड़ा", "गुनाहों का देवता" (उपन्यास), "अंधा युग" (गीतिनाट्य), "पश्यंती", "कहनी-अनकहनी", "मानव मूल्य और साहित्य", "ठेले पर हिमालय" (निबंध संग्रह) शामिल हैं। उन्हें पद्मश्री, व्यास सम्मान सहित कई राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए। वे 1997 में निधन हो गए।

मुख्य बिंदु

  • व्यक्ति स्वतंत्रता, मानवीय संकट और रोमानी चेतना उनके लेखन के मुख्य विषय हैं।
  • उनका उपन्यास "गुनाहों का देवता" एक भावपूर्ण प्रेम कथा है।
  • "सूरज का सातवाँ घोड़ा" में निम्न मध्यवर्ग की हताशा, आर्थिक संघर्ष और नैतिक विचलन को दर्शाया गया है।
  • "अंधा युग" में स्वतंत्रता के बाद के जीवन मूल्य और सामाजिक समस्याओं का चित्रण है।
  • उन्होंने हिंदी पत्रकारिता को गंभीरता और मानक प्रदान किया।

पाठ्य प्रमाण

"अपनी सहज प्रवृत्तियों को मारो मत, लेकिन उनके दास भी न बनो। जीवन के सहज प्रवाह में उन्हें आने दो, फलीभूत होने दो। पर यदि वे निरंकुशता से हावी होने लगें तो उन्हें भस्म कर देने की तेजस्विता और आत्मनियंत्रण भी रखो।"

अभ्यास प्रश्न

  • धर्मवीर भारती की प्रमुख रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?
  • उनके उपन्यास "गुनाहों का देवता" की मुख्य विषयवस्तु क्या है?
  • धर्मवीर भारती ने हिंदी पत्रकारिता में क्या योगदान दिया?

उत्तर कुंजी

  • प्रमुख रचनाएँ: कनुप्रिया, सात-गीत वर्ष, ठंडा लोहा, बंद गली का आखिरी मकान, सूरज का सातवाँ घोड़ा, गुनाहों का देवता, अंधा युग आदि।
  • "गुनाहों का देवता" एक भावपूर्ण प्रेम कथा है जो व्यक्ति स्वतंत्रता और मानवीय संकट को दर्शाती है।
  • उन्होंने धर्मयुग पत्रिका के संपादक के रूप में हिंदी पत्रकारिता को गंभीरता और मानक प्रदान किया।

शब्दावली

  • गीतिनाट्य: गीतों सहित नाटकीय रचना
  • रिपोर्ताज: समाचार लेखन की एक विधा
  • रोमानी चेतना: प्रेम और भावनाओं की जागरूकता

काले मेघा पानी दे का सारांश

"काले मेघा पानी दे" धर्मवीर भारती द्वारा लिखा गया एक संस्मरण है जो लोक-प्रचलित विश्वास और विज्ञान के बीच के द्वंद्व को दर्शाता है। इसमें सूखे के समय गाँव के बच्चों की "इंदर सेना" या "मेढक-मंडली" की वर्षा के लिए पानी मांगने की परंपरा का वर्णन है। लेखक के किशोर मन में इस पर वैज्ञानिक दृष्टिकोण और अंधविश्वास के बीच संघर्ष दिखाया गया है। जीजी नामक वृद्ध महिला, जो परंपराओं की पालक हैं, लेखक को यह समझाने की कोशिश करती हैं कि यह परंपरा त्याग और दान का प्रतीक है, जो जीवन में सकारात्मक ऊर्जा लाती है।

मुख्य बिंदु

  • इंदर सेना या मेढक-मंडली: गाँव के बच्चे जो वर्षा के लिए पानी मांगते हैं।
  • विज्ञान और विश्वास के बीच द्वंद्व।
  • त्याग और दान की महत्ता।
  • सामाजिक और सांस्कृतिक परंपराओं का महत्व।
  • लेखक का किशोर मन और उसकी जिज्ञासा।

पाठ्य प्रमाण

"काले मेघा पानी दे, गगरी फूटी बैल पियासा, पानी दे, गुड़धानी दे, काले मेघा पानी दे।"

हल किए गए उदाहरण

लेखक के मन में यह प्रश्न उठता है कि जब पानी की इतनी कमी है तो लोग बाल्टी भर-भर कर पानी बच्चों पर क्यों फेंकते हैं। जीजी इसे त्याग और दान का प्रतीक बताती हैं, जो जीवन में फलदायी होता है।

अभ्यास प्रश्न

  • "इंदर सेना" या "मेढक-मंडली" का क्या अर्थ है?
  • लेखक के मन में पानी फेंकने को लेकर क्या संदेह था?
  • जीजी ने पानी फेंकने की परंपरा को कैसे समझाया?

उत्तर कुंजी

  • इंदर सेना गाँव के बच्चे हैं जो वर्षा के लिए पानी मांगते हैं।
  • लेखक को यह पानी की बरबादी लगती थी और वह इसे अंधविश्वास मानता था।
  • जीजी ने इसे त्याग और दान का प्रतीक बताया, जो जीवन में सकारात्मक फल देता है।

शब्दावली

  • गुड़धानी: गुड़ और चने से बना लड्डू
  • टेरते: पुकारते
  • दसतपा: तपते दस दिन
  • पखवारा: पंद्रह दिन की अवधि
  • ढोर-ढंगर: पशु
  • सतिया: स्वास्तिक चिन्ह
  • अर्घ्य: जल चढ़ाना
  • अरवा चावल: बिना उखाड़े निकाला गया चावल
  • हर-छठ: जन्माष्टमी से दो दिन पहले का पर्व
  • भुजा: भुना हुआ अन्न
  • किला पस्त: हार जाना

HINDI — ALL CHAPTERS

1

जनसंचार माध्यम

1

विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

2

पत्रकारिता के विविध आयाम

2

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

3

डायरी लिखने की कला

3

विशेष लेखन— स्वरूप और प्रकार

4

कथा-पटकथा

4

कैसे बनती है कविता

5

नाटक लिखने का व्याकरण

5

कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया

6

कैसे लिखें कहानी

6

स्ववृत्त(बायोडाटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र

7

कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण

7

कोश-एक परिचय

8

कैसे बनता है रेडियो नाटक

9

नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन

1

आत्मपरिचय

2

एक गीत

3

पतंग

4

कविता के बहाने

5

बात सीधी थी पर

6

कैमरे में बंद अपाहिज

7

उषा

8

बादल राग

9

कवितावली (उत्तर कांड से)

10

लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप

11

रुबाइयाँ

12

छोटा मेरा खेत

13

बगुलों के पंख

14

भक्तिन

15

बाज़ार दर्शन

16

काले मेघा पानी दे

17

पहलवान की ढोलक

18

शिरीष के फूल

19

श्रम विभाजन और जाति-प्रथा

20

मेरी कल्पना का आदर्श-समाज

1

सिल्वर वैडिंग

2

जूझ

3

अतीत में दबे पाँव