CLASS 12-PCM . HINDI . आरोह भाग 2 . कवितावली उत्तर-कांड-से
Chapter 9 : कवितावली (उत्तर कांड से)
Ch 9
HINDI
CLASS 12-PCM
गोस्वामी तुलसीदास का जीवन परिचय
गोस्वामी तुलसीदास हिंदी साहित्य के महान कवि और भक्तिकाल के प्रमुख कवि हैं। उनका जन्म सन् 1532 में उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले के राजापुर गाँव में हुआ था। वे काशी में सन् 1623 में निधन हो गया। तुलसीदास की प्रमुख रचनाओं में रामचरितमानस, विनयपत्रिका, गीतावली, श्रीकृष्ण गीतावली, दोहावली, कवितावली और रामाज्ञा-प्रश्न शामिल हैं।
मुख्य बिंदु
- जन्म: सन् 1532, राजापुर, बाँदा
- निधन: सन् 1623, काशी
- प्रमुख रचनाएँ: रामचरितमानस, विनयपत्रिका, गीतावली, श्रीकृष्ण गीतावली, दोहावली, कवितावली, रामाज्ञा-प्रश्न
पाठ्य प्रमाण
"हृदय-सिंधु मति सीप समाना। स्वाति सारद कहहिं सुजाना।।"
अभ्यास प्रश्न
- तुलसीदास का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
- उनकी प्रमुख रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?
- तुलसीदास का निधन कब हुआ?
उत्तर कुंजी
- सन् 1532 में राजापुर, बाँदा में
- रामचरितमानस, विनयपत्रिका, गीतावली, श्रीकृष्ण गीतावली, दोहावली, कवितावली, रामाज्ञा-प्रश्न
- सन् 1623 में काशी में
शब्दावली
- भक्ति: ईश्वर के प्रति प्रेम और समर्पण
- काव्य: कविता या साहित्यिक रचना
- निधन: मृत्यु
तुलसीदास का काव्य-साहित्य और भक्ति
तुलसीदास भक्तिकाल की सगुण काव्य-धारा के प्रमुख कवि हैं। उनकी भक्ति लोकमंगल की साधना है, जो लोकभाषा (अवधी व ब्रजभाषा) में प्रकट हुई। वे शास्त्रीयता और लोकग्राहीता का समन्वय करते हैं। उनकी रचनाएँ दार्शनिक और लौकिक द्वंद्वों का चित्रण करती हैं, जो समाज में एकता और शांति का संदेश देती हैं।
मुख्य बिंदु
- भक्ति की लोकमंगल साधना
- शास्त्रीयता और लोकग्राहीता का समन्वय
- दार्शनिक और लौकिक द्वंद्वों का चित्रण
- रामचरितमानस का महत्त्व
पाठ्य प्रमाण
"भक्तिकाल की सगुण काव्य-धारा में रामभक्ति शाखा के सर्वोपरि कवि गोस्वामी तुलसीदास..."
अभ्यास प्रश्न
- तुलसीदास की भक्ति की विशेषता क्या है?
- उन्होंने किस भाषा को साहित्य-रचना के लिए चुना?
- उनकी रचनाओं में कौन-कौन से द्वंद्व चित्रित होते हैं?
उत्तर कुंजी
- लोकमंगल की साधना और लोकमुखी भक्ति
- अवधी और ब्रजभाषा
- दार्शनिक और लौकिक द्वंद्व
शब्दावली
- सगुण भक्ति: ईश्वर के साकार रूप की भक्ति
- लोकमंगल: समाज के कल्याण के लिए
- द्वंद्व: विरोधाभास या संघर्ष
तुलसीदास के काव्य संग्रह "कवितावली" (उत्तर कांड से)
तुलसीदास की "कवितावली" में जीवन के यथार्थ, सामाजिक विषमताएँ और भक्ति की गहराई को दर्शाया गया है। इसमें किसान, भिखारी, बनिक आदि के जीवन की कठिनाइयाँ और राम के प्रति भक्ति का महत्व स्पष्ट होता है। यह संग्रह लोकजीवन और आध्यात्मिकता का सुंदर समन्वय प्रस्तुत करता है।
मुख्य बिंदु
- जीवन के यथार्थ और सामाजिक विषमताएँ
- राम भक्ति का जीवनदायिनी स्वरूप
- भक्ति की गहराई और सहनशीलता
- लोकजीवन और आध्यात्मिकता का समन्वय
पाठ्य प्रमाण
"किसबी, किसान-कुल, बनिक, भिखारी, भाट,
चाकर, चपल नट, चोर, चार, चेटकी।
पेटको पढ़त, गुन गढ़त, चढ़त गिरि,
अटत गहन-गन अहन अखेटकी॥"
हल किए गए उदाहरण
पहले छंद में तुलसीदास ने जीवन की कठिनाइयों को "पेट की आग" से जोड़ा है, जो सभी समस्याओं का मूल कारण है। राम को इस आग को बुझाने वाला बताया गया है।
अभ्यास प्रश्न
- "कवितावली" में तुलसीदास ने किस प्रकार जीवन की समस्याओं का चित्रण किया है?
- राम भक्ति का तुलसीदास के काव्य में क्या स्थान है?
- तीसरे छंद में भक्ति की कौन-सी विशेषताएँ प्रकट होती हैं?
उत्तर कुंजी
- जीवन की समस्याओं को "पेट की आग" के रूप में दिखाया गया है।
- राम भक्ति जीवन की कठिनाइयों का समाधान और आध्यात्मिक मुक्ति का माध्यम है।
- भक्ति की गहराई, सहनशीलता और सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध साहस।
शब्दावली
- पेट की आग: जीवन की आवश्यकताओं और समस्याओं का प्रतीक
- सवैया: एक प्रकार का छंद
- दशानन: रावण का एक नाम, यहाँ सामाजिक बुराइयों का प्रतीक
रामचरितमानस के प्रमुख प्रसंग (लंका कांड से)
लंका कांड में लक्ष्मण के शक्ति बाण लगने का प्रसंग तुलसीदास की काव्य-शैली और भावों की गहराई का उत्कृष्ट उदाहरण है। इस प्रसंग में राम का शोक, उनके प्रेम के विभिन्न पहलू और हनुमान का संजीवनी लेकर आना दर्शाया गया है। यह प्रसंग राम के मानवीकरण और भक्त तुलसी के कवि रूप को उजागर करता है।
मुख्य बिंदु
- लक्ष्मण के शक्ति बाण लगने का मार्मिक चित्रण
- राम के शोक और प्रेम के विभिन्न पहलू
- हनुमान का संजीवनी लेकर आना
- राम का मानवीकरण
पाठ्य प्रमाण
"'रामचरितमानस' के लंका कांड से गृहीत लक्ष्मण के शक्ति बाण लगने का प्रसंग..."
अभ्यास प्रश्न
- लंका कांड में लक्ष्मण के शक्ति बाण लगने का प्रसंग क्यों महत्वपूर्ण है?
- राम के शोक में कौन-कौन से भाव प्रकट होते हैं?
- हनुमान का संजीवनी लेकर आना काव्य में क्या भूमिका निभाता है?
उत्तर कुंजी
- यह प्रसंग कवि की मार्मिक स्थलों की पहचान है।
- राम के प्रेम के विभिन्न कोण और शोक प्रकट होते हैं।
- यह करुणा के बीच वीर रस के उदय का प्रतीक है।
शब्दावली
- शक्ति बाण: युद्ध में प्रयुक्त विशेष बाण
- संजीवनी: जीवनदायिनी औषधि
- मानवीकरण: ईश्वर या देवता को मानव रूप में प्रस्तुत करना
HINDI — ALL CHAPTERS
1
जनसंचार माध्यम
1
विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन
2
पत्रकारिता के विविध आयाम
2
पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया
3
डायरी लिखने की कला
3
विशेष लेखन— स्वरूप और प्रकार
4
कथा-पटकथा
4
कैसे बनती है कविता
5
नाटक लिखने का व्याकरण
5
कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया
6
कैसे लिखें कहानी
6
स्ववृत्त(बायोडाटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र
7
कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण
7
कोश-एक परिचय
8
कैसे बनता है रेडियो नाटक
9
नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन
1
आत्मपरिचय
2
एक गीत
3
पतंग
4
कविता के बहाने
5
बात सीधी थी पर
6
कैमरे में बंद अपाहिज
7
उषा
8
बादल राग
9
कवितावली (उत्तर कांड से)
10
लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप
11
रुबाइयाँ
12
छोटा मेरा खेत
13
बगुलों के पंख
14
भक्तिन
15
बाज़ार दर्शन
16
काले मेघा पानी दे
17
पहलवान की ढोलक
18
शिरीष के फूल
19
श्रम विभाजन और जाति-प्रथा
20
मेरी कल्पना का आदर्श-समाज
1
सिल्वर वैडिंग
2
जूझ
3
अतीत में दबे पाँव