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कथा-पटकथा

CLASS 12-PCM . HINDI . अभिव्यक्ति और माध्यम भाग 2 . कथा पटकथा

Chapter 4 : कथा-पटकथा

Ch 4

HINDI

CLASS 12-PCM

पटकथा का परिचय

पटकथा कुछ और नहीं, कैमरे से फ़िल्म के परदे पर दिखाए जाने के लिए लिखी हुई कथा है। यह वह लिखित रूप है जो फ़िल्म या टेलीविज़न पर दिखाई जाने वाली कहानी का आधार बनती है। पटकथा लेखक, पत्रकार एवं साहित्यकार मनोहर श्याम जोशी के अनुसार, पटकथा निर्देशक, अभिनेताओं और तकनीशियनों को फ़िल्म निर्माण की योजना बनाने में मदद करती है।

मुख्य बिंदु

  • पटकथा शब्द 'पट' (परदा) और 'कथा' (कहानी) के मेल से बना है।
  • यह सिनेमा और टेलीविज़न दोनों माध्यमों के लिए आवश्यक होती है।
  • निर्देशक, अभिनेता और तकनीशियन पटकथा के आधार पर अपने-अपने कार्य करते हैं।
  • कथा पटकथा की मूल सामग्री होती है।

पाठ्य प्रमाण

"पटकथा कुछ और नहीं कैमरे से फ़िल्म के परदे पर दिखाए जाने के लिए लिखी हुई कथा है।" — मनोहर श्याम जोशी

अभ्यास प्रश्न

  • पटकथा का क्या अर्थ है?
  • पटकथा क्यों आवश्यक होती है?
  • निर्देशक और अभिनेता पटकथा से कैसे लाभान्वित होते हैं?

उत्तर कुंजी

  • पटकथा का अर्थ है वह कथा जो परदे पर दिखाई जाती है।
  • यह फ़िल्म या टीवी कार्यक्रम बनाने के लिए आवश्यक होती है।
  • निर्देशक इसे देखकर शूटिंग की योजना बनाते हैं, अभिनेता अपनी भूमिका समझते हैं।

शब्दावली

  • पटकथा: फ़िल्म या टीवी के लिए लिखी गई कहानी।
  • कथा: कहानी।
  • परदा: स्क्रीन या पर्दा जहाँ फ़िल्म दिखाई जाती है।

पटकथा की कथा और स्रोत

पटकथा लिखने के लिए सबसे पहले एक कथा चाहिए होती है। यह कथा हमारे आस-पास की घटनाओं, समाचार, कल्पना, इतिहास या साहित्य से ली जा सकती है। कई प्रसिद्ध उपन्यासों और कहानियों को पटकथा का आधार बनाया गया है।

मुख्य बिंदु

  • कथा पटकथा की आधारशिला होती है।
  • कथा के स्रोत: जीवन की घटनाएँ, समाचार, कल्पना, इतिहास, साहित्य।
  • प्रसिद्ध लेखकों की रचनाएँ पटकथा का आधार बनती हैं।

पाठ्य प्रमाण

"मशहूर उपन्यासों-कहानियों पर फ़िल्म या सीरियल बनाने की परंपरा काफ़ी पुरानी है।"

अभ्यास प्रश्न

  • पटकथा के लिए कथा कहाँ से मिल सकती है?
  • किस प्रकार की रचनाएँ पटकथा का आधार बन सकती हैं?

उत्तर कुंजी

  • कथा जीवन की घटनाओं, समाचार, कल्पना, इतिहास या साहित्य से मिल सकती है।
  • उपन्यास, कहानी, नाटक आदि रचनाएँ पटकथा का आधार बन सकती हैं।

शब्दावली

  • कथा: कहानी या घटना।
  • कल्पना: मन में बनी हुई कहानी या विचार।
  • स्रोत: जहाँ से कुछ प्राप्त होता है।

पटकथा की संरचना और विशेषताएँ

पटकथा की संरचना नाटक की संरचना से मिलती-जुलती होती है, जिसमें पात्र, घटनास्थल, दृश्य, कहानी का क्रमिक विकास, द्वंद्व और समाधान होते हैं। लेकिन पटकथा और नाटक में कुछ मूलभूत अंतर भी होते हैं जैसे दृश्य की लंबाई, घटनास्थल की संख्या, और कथा का विकास।

मुख्य बिंदु

  • पटकथा में पात्र, घटनास्थल, दृश्य, कहानी का विकास होता है।
  • नाटक के मुकाबले पटकथा के दृश्य छोटे और अधिक होते हैं।
  • पटकथा में घटनास्थल की कोई सीमा नहीं होती।
  • कथा का विकास पटकथा में लीनियर नहीं, फ्लैशबैक और फ्लैश फॉरवर्ड तकनीकों से हो सकता है।

पाठ्य प्रमाण

"नाटक का पूरा कार्य-व्यापार एक ही मंच पर घटित होता है, जबकि फ़िल्म या टेलीविज़न की शूटिंग अलग-अलग सेटों पर होती है।"

हल किए गए उदाहरण

फ्लैशबैक तकनीक का उदाहरण: गूँगे पर फ़िल्म की शुरुआत सड़क के दृश्य से होती है, जहाँ चमेली को गूँगे की याद आती है।

फ्लैश फॉरवर्ड तकनीक का उदाहरण: नाटक 'अंडे के छिलके' में वीना के मोज़े के दृश्य में भविष्य की घटना को पहले दिखाना।

अभ्यास प्रश्न

  • पटकथा और नाटक में क्या अंतर हैं?
  • फ्लैशबैक और फ्लैश फॉरवर्ड तकनीक क्या हैं?
  • पटकथा में घटनास्थल की संख्या क्यों अधिक हो सकती है?

उत्तर कुंजी

  • पटकथा में दृश्य छोटे और अधिक होते हैं, नाटक में सीमित।
  • फ्लैशबैक में अतीत दिखाया जाता है, फ्लैश फॉरवर्ड में भविष्य।
  • फ़िल्म में अलग-अलग स्थानों पर शूटिंग होती है, इसलिए घटनास्थल अधिक होते हैं।

शब्दावली

  • फ्लैशबैक: अतीत की घटना को दिखाना।
  • फ्लैश फॉरवर्ड: भविष्य की घटना को पहले दिखाना।
  • लीनियर: एक-रेखीय, सीधे क्रम में।

पटकथा के दृश्य और उनका विवरण

पटकथा की मूल इकाई दृश्य होती है। एक दृश्य में एक स्थान, एक समय और एक कार्य-व्यापार होता है। किसी भी एक तत्व के बदलने से नया दृश्य बनता है। दृश्य संख्या, घटनास्थल, समय और स्थान के अनुसार लिखे जाते हैं।

मुख्य बिंदु

  • दृश्य की परिभाषा: एक स्थान, समय और कार्य-व्यापार।
  • दृश्य संख्या, स्थान, समय और अंदर/बाहर की जानकारी दी जाती है।
  • दृश्य बदलने के कारण: स्थान, समय या कार्य-व्यापार में बदलाव।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में दृश्य की जानकारी अंग्रेज़ी में INT. (अंदर) या EXT. (बाहर) लिखी जाती है।

पाठ्य प्रमाण

"दृश्य-चार
शिक्षा अधिकारी का दफ़्तर (बाहरी कक्ष)/दिन/अंदर"

हल किए गए उदाहरण

दृश्य-चार से दृश्य-सात तक के उदाहरण में विभिन्न स्थानों और समय के अनुसार दृश्य संख्या और विवरण दिया गया है।

अभ्यास प्रश्न

  • पटकथा में दृश्य की परिभाषा क्या है?
  • दृश्य संख्या और स्थान का महत्व क्या है?
  • दृश्य बदलने के कारण क्या हो सकते हैं?

उत्तर कुंजी

  • दृश्य एक स्थान, समय और कार्य-व्यापार का संयोजन है।
  • दृश्य संख्या और स्थान से कहानी का क्रम समझ आता है।
  • स्थान, समय या कार्य-व्यापार में बदलाव से नया दृश्य बनता है।

शब्दावली

  • दृश्य: पटकथा की मूल इकाई।
  • कार्य-व्यापार: दृश्य में हो रही क्रियाएँ।
  • INT.: अंदर (इंटीरियर)।
  • EXT.: बाहर (एक्सटीरियर)।

पटकथा लेखन का प्रारूप और आधुनिक सहायक

पटकथा लेखन का एक विशिष्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत प्रारूप होता है जिसमें दृश्य संख्या, स्थान, समय और अंदर/बाहर की जानकारी दी जाती है। इसके अलावा निर्देशक, कैमरामैन आदि के लिए तकनीकी संकेत भी शामिल होते हैं। आजकल कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर भी पटकथा लेखन में सहायता करते हैं।

मुख्य बिंदु

  • दृश्य संख्या, स्थान, समय और अंदर/बाहर की जानकारी अनिवार्य होती है।
  • तकनीकी संकेत जैसे कट टू, डिज़ॉल्व टू आदि निर्देशक के लिए होते हैं।
  • कंप्यूटर सॉफ़्टवेयर पटकथा लेखन को सरल और त्रुटि रहित बनाते हैं।

पाठ्य प्रमाण

"ये पटकथा लिखने का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृत प्रारूप है।"

अभ्यास प्रश्न

  • पटकथा लेखन में दृश्य की जानकारी कैसे दी जाती है?
  • तकनीकी संकेतों का क्या महत्व है?
  • आधुनिक सॉफ़्टवेयर पटकथा लेखन में कैसे मदद करते हैं?

उत्तर कुंजी

  • दृश्य संख्या, स्थान, समय और अंदर/बाहर की जानकारी लिखी जाती है।
  • तकनीकी संकेत निर्देशक और संपादक को मार्गदर्शन देते हैं।
  • सॉफ़्टवेयर त्रुटि सुधार और प्रारूप बनाते हैं।

शब्दावली

  • कट टू: एक दृश्य से दूसरे दृश्य में संक्रमण।
  • डिज़ॉल्व टू: दृश्य का धीरे-धीरे बदलना।
  • सॉफ़्टवेयर: कंप्यूटर प्रोग्राम।

HINDI — ALL CHAPTERS

1

जनसंचार माध्यम

1

विभिन्न माध्यमों के लिए लेखन

2

पत्रकारिता के विविध आयाम

2

पत्रकारीय लेखन के विभिन्न रूप और लेखन प्रक्रिया

3

डायरी लिखने की कला

3

विशेष लेखन— स्वरूप और प्रकार

4

कथा-पटकथा

4

कैसे बनती है कविता

5

नाटक लिखने का व्याकरण

5

कार्यालयी लेखन और प्रक्रिया

6

कैसे लिखें कहानी

6

स्ववृत्त(बायोडाटा) लेखन और रोज़गार संबंधी आवेदन पत्र

7

कैसे करें कहानी का नाट्य रूपांतरण

7

कोश-एक परिचय

8

कैसे बनता है रेडियो नाटक

9

नए और अप्रत्याशित विषयों पर लेखन

1

आत्मपरिचय

2

एक गीत

3

पतंग

4

कविता के बहाने

5

बात सीधी थी पर

6

कैमरे में बंद अपाहिज

7

उषा

8

बादल राग

9

कवितावली (उत्तर कांड से)

10

लक्ष्मण-मूर्च्छा और राम का विलाप

11

रुबाइयाँ

12

छोटा मेरा खेत

13

बगुलों के पंख

14

भक्तिन

15

बाज़ार दर्शन

16

काले मेघा पानी दे

17

पहलवान की ढोलक

18

शिरीष के फूल

19

श्रम विभाजन और जाति-प्रथा

20

मेरी कल्पना का आदर्श-समाज

1

सिल्वर वैडिंग

2

जूझ

3

अतीत में दबे पाँव