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मंगलेश-डबराल

CLASS 10 . HINDI . क्षितिज भाग–2 . मंगलेश डबराल

Chapter 6 : मंगलेश डबराल

Ch 6

HINDI

CLASS 10

मंगलेश डबराल का जीवन परिचय

मंगलेश डबराल का जन्म सन् 1948 में टिहरी गढ़वाल (उत्तराखंड) के काफलपानी गाँव में हुआ। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा देहरादून में प्राप्त की। दिल्ली आकर उन्होंने हिंदी पेट्रियट, प्रतिपक्ष और आसपास जैसे पत्र-पत्रिकाओं में कार्य किया। बाद में भोपाल में भारत भवन से प्रकाशित होने वाले पूर्वग्रह में सहायक संपादक के रूप में कार्य किया। इसके अतिरिक्त इलाहाबाद और लखनऊ से प्रकाशित अमृत प्रभात में भी कुछ समय नौकरी की। सन् 1983 में जनसत्ता अखबार में साहित्य संपादक का पद संभाला। कुछ समय सहारा समय में संपादन कार्य करने के बाद वे नेशनल बुक ट्रस्ट से जुड़े रहे। मंगलेश डबराल का निधन 2020 में हुआ।

मुख्य बिंदु

  • जन्म और शिक्षा: 1948, टिहरी गढ़वाल, काफलपानी गाँव, देहरादून में शिक्षा।
  • संपादकीय कार्य: हिंदी पेट्रियट, प्रतिपक्ष, आसपास, पूर्वग्रह, अमृत प्रभात, जनसत्ता, सहारा समय, नेशनल बुक ट्रस्ट।
  • निधन: 2020।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"मंगलेश डबराल का जन्म सन् 1948 में टिहरी गढ़वाल के काफलपानी गाँव में हुआ और शिक्षा-दीक्षा हुई देहरादून में।"

अभ्यास प्रश्न

  • मंगलेश डबराल का जन्म कहाँ हुआ था?
  • उन्होंने किन-किन पत्र-पत्रिकाओं में कार्य किया?
  • उनका संपादकीय कार्य कहाँ-कहाँ रहा?

उत्तर कुंजी

  • मंगलेश डबराल का जन्म टिहरी गढ़वाल के काफलपानी गाँव में हुआ था।
  • उन्होंने हिंदी पेट्रियट, प्रतिपक्ष, आसपास, पूर्वग्रह, अमृत प्रभात आदि में कार्य किया।
  • उनका संपादकीय कार्य जनसत्ता, सहारा समय और नेशनल बुक ट्रस्ट में रहा।

शब्दावली

  • संपादक: किसी पत्रिका या अखबार का संपादन करने वाला व्यक्ति।
  • निधन: मृत्यु।
  • साहित्य: लिखित कला या रचना।

मंगलेश डबराल की कविता संग्रह

मंगलेश डबराल के चार प्रमुख कविता संग्रह प्रकाशित हुए हैं—पहाड़ पर लालटेन, घर का रास्ता, हम जो देखते हैं और आवाज भी एक जगह है। उनकी कविताओं में सामंती बोध और पूँजीवादी छल-छद्म का विरोध स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उनकी भाषा सरल, पारदर्शी और सौंदर्यबोध सूक्ष्म है। वे कविता के साथ-साथ साहित्य, सिनेमा, संचार माध्यम और संस्कृति पर भी नियमित लेखन करते रहे।

मुख्य बिंदु

  • कविता संग्रह: पहाड़ पर लालटेन, घर का रास्ता, हम जो देखते हैं, आवाज भी एक जगह है।
  • काव्य विषय: सामंती बोध और पूँजीवादी छल-छद्म का प्रतिकार।
  • भाषा शैली: सरल, पारदर्शी, सौंदर्यबोध सूक्ष्म।
  • अनुवाद: उनकी कविताएँ कई भारतीय और विदेशी भाषाओं में अनूदित।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"मंगलेश की कविताओं में सामंती बोध एवं पूँजीवादी छल-छद्म दोनों का प्रतिकार है। वे यह प्रतिकार किसी शोर-शराबे के साथ नहीं बल्कि प्रतिपक्ष में एक सुंदर सपना रचकर करते हैं।"

अभ्यास प्रश्न

  • मंगलेश डबराल की कविताओं की मुख्य विशेषताएँ क्या हैं?
  • उनकी कविताओं में किस प्रकार का विरोध दिखाई देता है?
  • उनकी भाषा शैली कैसी है?

उत्तर कुंजी

  • उनकी कविताएँ सरल, पारदर्शी भाषा में हैं और सौंदर्यबोध सूक्ष्म है।
  • कविताओं में सामंती बोध और पूँजीवादी छल-छद्म का प्रतिकार है।
  • वे प्रतिकार शोर-शराबे के बिना एक सुंदर सपना रचकर करते हैं।

शब्दावली

  • सामंती बोध: सामंती व्यवस्था के प्रति जागरूकता।
  • छल-छद्म: धोखा और कपट।
  • प्रतिपक्ष: विरोध या विरोधी पक्ष।

संगतकार कविता का विश्लेषण

"संगतकार" मंगलेश डबराल की एक महत्वपूर्ण कविता है जो मुख्य गायक के साथ संगतकार की भूमिका को दर्शाती है। यह कविता संगीत और जीवन के विभिन्न पहलुओं में सहयोग और समर्थन की भावना को उजागर करती है। कविता में संगतकार की भूमिका को एक संवेदनशील और सहायक स्वरूप में प्रस्तुत किया गया है जो मुख्य गायक की कमजोरियों और संघर्षों में उसका साथ देता है।

मुख्य बिंदु

  • संगतकार की भूमिका: मुख्य गायक के साथ सहयोग और समर्थन।
  • कविता की भाषा: सरल, दृश्यात्मक और संगीतात्मक।
  • कविता का भाव: मानवीयता, सहानुभूति और धैर्य।

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"मुख्य गायक के चट्टान जैसे भारी स्वर का साथ देती वह आवाज़ सुंदर कमज़ोर काँपती हुई थी।"

"गाया जा चुका राग और उसकी आवाज़ में जो एक हिचक साफ़ सुनाई देती है उसे विफलता नहीं उसकी मनुष्यता समझा जाना चाहिए।"

हल किए गए उदाहरण

प्रश्न: कविता "संगतकार" में संगतकार की भूमिका क्या है?
उत्तर: कविता में संगतकार मुख्य गायक के साथ एक सहायक और संवेदनशील साथी के रूप में प्रस्तुत है जो गायक की कमजोरियों और संघर्षों में उसका साथ देता है। वह गायक को हिम्मत और समर्थन प्रदान करता है जिससे गायक फिर से गा सके।

अभ्यास प्रश्न

  • कविता "संगतकार" में संगतकार की भूमिका का वर्णन करें।
  • कविता में मुख्य गायक और संगतकार के संबंध को समझाइए।
  • कविता की भाषा और भावनाओं पर चर्चा करें।

उत्तर कुंजी

  • संगतकार मुख्य गायक का सहायक और संवेदनशील साथी है।
  • वे गायक की कमजोरियों को समझते हैं और उसे हिम्मत देते हैं।
  • कविता की भाषा सरल, संगीतात्मक और दृश्यात्मक है।
  • भावनाएँ मानवीयता, सहानुभूति और धैर्य को दर्शाती हैं।

शब्दावली

  • संगतकार: संगीत में मुख्य गायक के साथ सहयोग करने वाला व्यक्ति।
  • अंतरा: गीत का वह भाग जो मुख्य भाग से अलग होता है।
  • सरगम: संगीत के स्वर।
  • हिचक: झिझक या संकोच।