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माँ-कह-एक-कहानी-कविता-मैथिलीशरण-गुप्त

CLASS 7 . HINDI . मल्हार . माँ कह-एक-कहानी-कविता-मैथिलीशरण-गुप्त

Chapter 1 : माँ, कह एक कहानी (कविता) मैथिलीशरण गुप्त

Ch 1

HINDI

CLASS 7

कवि से परिचय

मैथिलीशरण गुप्त द्वारा रचित कविता "माँ, कह एक कहानी" उनकी काव्य-कृति यशोधरा से लिया गया अंश है। यह कविता माँ यशोधरा और बेटे राहुल के बीच संवाद शैली में रची गई है। मैथिलीशरण गुप्त का जन्म चिरगाँव, झाँसी (उत्तर प्रदेश) में हुआ था। वे पंद्रह-सोलह वर्ष की आयु में ही कविता करने लगे थे। प्रारंभ में ब्रज भाषा में और बाद में हिंदी में उन्होंने आजीवन लेखन कार्य किया। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी रचनाओं ने देशप्रेम की भावना को प्रबल किया। उन्हें राष्ट्रकवि के रूप में जाना जाता है। उनकी प्रमुख काव्य-कृतियाँ साकेत, भारत-भारती और यशोधरा हैं।

मुख्य बिंदु

  • मैथिलीशरण गुप्त का जीवन परिचय
  • उनकी प्रमुख काव्य-कृतियाँ
  • उनकी रचनाओं में देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना
  • "माँ, कह एक कहानी" कविता का संवादात्मक स्वरूप

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"माँ, कह एक कहानी।"

"बेटा, समझ लिया क्या तूने मुझको अपनी नानी?"

अभ्यास प्रश्न

  • मैथिलीशरण गुप्त का जन्म कहाँ हुआ था?
  • उनकी कौन-कौन सी प्रमुख काव्य-कृतियाँ हैं?
  • "माँ, कह एक कहानी" कविता किस शैली में रची गई है?

उत्तर कुंजी

  • उत्तर 1: चिरगाँव, झाँसी (उत्तर प्रदेश)
  • उत्तर 2: साकेत, भारत-भारती, यशोधरा
  • उत्तर 3: संवाद शैली में

शब्दावली

  • राष्ट्रकवि: वह कवि जो राष्ट्र के प्रति गहरी भावना रखता हो।
  • संवाद शैली: दो या अधिक पात्रों के बीच वार्तालाप की शैली।

माँ, कह एक कहानी (कविता)

यह कविता माँ और बेटे के बीच एक संवाद है जिसमें बच्चा माँ से कहानी सुनने की इच्छा व्यक्त करता है। कविता में प्राकृतिक दृश्यों, पक्षियों और जीवन के संघर्षों का वर्णन है। यह कविता सरल भाषा में गहरी मानवीय भावनाओं को प्रस्तुत करती है।

मुख्य बिंदु

  • संवादात्मक कविता
  • प्राकृतिक सौंदर्य का चित्रण
  • जीवन के संघर्ष और न्याय की भावना
  • माँ और बेटे के बीच प्रेम और समझ

पाठ्य प्रमाण / उदाहरण

"माँ, कह एक कहानी।"

"तू है हठी मानधन मेरे, सुन, उपवन में बड़े सबेरे, तात भ्रमण करते थे तेरे, जहाँ, सुरभि मनमानी।"

"वर्ण वर्ण के फूल खिले थे, झलमल कर हिम-बिंदु झिले थे, हलके झोंके हिले-मिले थे, लहराता था पानी।"

"गाते थे खग कल कल स्वर से, सहसा एक हंस ऊपर से, गिरा, बिद्ध होकर खर-शर से, हुई पक्ष की हानी!"

हल किए गए उदाहरण

प्रश्न: कविता में पक्षी की हानि का क्या अर्थ है?

उत्तर: पक्षी की हानि से जीवन में आने वाली कठिनाइयों और संघर्षों का संकेत है, जो अंततः न्याय और दया से समाप्त होते हैं।

"चौंक उन्होंने उसे उठाया, नया जन्म-सा उसने पाया। इतने में आखेटक आया, लक्ष्य-सिद्धि का मानी।"

"माँगा उसने आहत पक्षी, तेरे तात किंतु थे रक्षी। तब उसने, जो था खगभक्षी- हठ करने की ठानी।"

अभ्यास प्रश्न

  • स्तर 1 – सरल: कविता में माँ और बेटे के बीच संवाद का क्या महत्व है?
  • स्तर 2 – मध्यम: कविता में प्राकृतिक दृश्यों का क्या चित्रण किया गया है?
  • स्तर 3 – कठिन: कविता में न्याय और दया की भावना कैसे प्रस्तुत की गई है?

उत्तर कुंजी

  • स्तर 1: संवाद से माँ और बेटे के प्रेम और समझ का पता चलता है।
  • स्तर 2: प्राकृतिक दृश्यों में फूल, पानी, पक्षी आदि का सुंदर वर्णन है।
  • स्तर 3: पक्षी की हानि और न्यायालय की बात से न्याय और दया की महत्ता स्पष्ट होती है।

शब्दावली

  • हठी: जिद्दी
  • उपवन: बगीचा
  • सुरभि: सुगंध
  • न्यायालय: कोर्ट या न्याय का स्थान