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आदमी-का-अनुपात-गिरिजा-कुमार-माथुर

CLASS 8 . HINDI . मल्हार . आदमी का-अनुपात-गिरिजा-कुमार-माथुर

Chapter 11 : आदमी का अनुपात (गिरिजा कुमार माथुर )

Ch 11

HINDI

CLASS 8

कवि से परिचय

गिरिजा कुमार माथुर का जन्म मध्य प्रदेश के अशोक नगर जनपद में हुआ था। उनके पिता देवीचरण माथुर भी कविताएँ लिखते थे। गिरिजा कुमार माथुर आकाशवाणी में कई महत्वपूर्ण पदों पर रहे। उन्होंने कविताओं के अतिरिक्त कई नाटक, गीत, कहानी और निबंध भी लिखे। उनकी प्रमुख कृतियों में मंजीर, नाश और निर्माण, धूप के धान, शिलापंख चमकीले और मैं वक्त के हूँ शामिल हैं। उन्होंने प्रसिद्ध भावांतर गीत ‘होंगे कामयाब’ की रचना भी की थी।

मुख्य बिंदु

  • मध्य प्रदेश के अशोक नगर जनपद में जन्म
  • पिता भी कवि थे
  • आकाशवाणी में महत्वपूर्ण पद
  • कविताओं के साथ नाटक, गीत, कहानी, निबंध
  • प्रमुख कृतियाँ: मंजीर, नाश और निर्माण, धूप के धान, शिलापंख चमकीले, मैं वक्त के हूँ
  • प्रसिद्ध गीत: होंगे कामयाब

अभ्यास प्रश्न

  • गिरिजा कुमार माथुर का जन्म कहाँ हुआ था?
  • उनकी प्रमुख कृतियाँ कौन-कौन सी हैं?
  • उन्होंने कौन-से अन्य साहित्यिक रूपों में लेखन किया?

उत्तर कुंजी

  • मध्य प्रदेश के अशोक नगर जनपद में
  • मंजीर, नाश और निर्माण, धूप के धान, शिलापंख चमकीले, मैं वक्त के हूँ
  • नाटक, गीत, कहानी, निबंध

आदमी का अनुपात - कविता का सारांश

कविता "आदमी का अनुपात" में कवि ने यह दर्शाया है कि दो व्यक्ति एक छोटे से कमरे में रहते हैं, जो क्रमशः घर, मुहल्ला, नगर, प्रदेश, देश, पृथ्वी, नक्षत्र, ब्रह्मांड और अनगिनत ब्रह्मांडों का हिस्सा है। इस विशाल ब्रह्मांड में भी मनुष्य अपने अहंकार, ईर्ष्या, स्वार्थ और घृणा के कारण दीवारें बनाता है और दूसरों को नियंत्रित करने की कोशिश करता है। यह कविता मानव स्वभाव की विडंबना और सामाजिक असमानताओं को उजागर करती है।

मुख्य बिंदु

  • कविता में ब्रह्मांड की विशालता और मनुष्य की छोटी जगह
  • मनुष्य के अहंकार, ईर्ष्या, स्वार्थ, घृणा की आलोचना
  • सामाजिक असमानता और द्वैत की व्याख्या
  • दो व्यक्ति एक कमरे में रहते हैं, फिर भी अलग-अलग दुनिया बनाते हैं

पाठ्य प्रमाण

"संख्यातीत शंख सी दीवारें उठाता है
अपने को दूजे का स्वामी बताता है
देशों की कौन कहे
एक कमरे में
दो दुनिया रचाता है"

अभ्यास प्रश्न

  • कविता में मनुष्य के स्वभाव की कौन-कौन सी विशेषताएँ बताई गई हैं?
  • कविता का केंद्रीय विषय क्या है?
  • "दो दुनिया रचाता है" का क्या अर्थ है?

उत्तर कुंजी

  • ईर्ष्या, अहंकार, स्वार्थ, घृणा, अविश्वास
  • मनुष्य का अहंकार और सामाजिक द्वैत
  • एक ही कमरे में रहते हुए भी मनुष्य अलग-अलग सोच और व्यवहार करता है

होंगे कामयाब! - कविता का विश्लेषण

"होंगे कामयाब!" एक प्रेरणादायक गीत है जो विश्वास और आशा की भावना को प्रकट करता है। इसमें बताया गया है कि मन में पूर्ण विश्वास होने पर हम निश्चित रूप से सफल होंगे। यह कविता एकता, शांति और भयमुक्त जीवन की कामना करती है।

मुख्य बिंदु

  • विश्वास और आशा का संदेश
  • शांति और भयमुक्त जीवन की कामना
  • एकता और सहयोग की भावना
  • प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक भाषा

पाठ्य प्रमाण

"मन में है विश्वास
पूरा है विश्वास
हम होंगे कामयाब... एक दिन"

अभ्यास प्रश्न

  • कविता "होंगे कामयाब!" का मुख्य संदेश क्या है?
  • कविता में किस भावना को प्रमुखता दी गई है?
  • यह कविता विद्यार्थियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर कुंजी

  • विश्वास और आशा से सफलता संभव है
  • आशा, विश्वास, एकता, शांति
  • यह उन्हें प्रेरित करती है और सकारात्मक सोच विकसित करती है

शब्दावली

  • अनुपात: किसी दो वस्तुओं या मात्राओं का तुलनात्मक संबंध
  • अहंकार: स्वयं को श्रेष्ठ समझना
  • ईर्ष्या: किसी की सफलता या वस्तु से जलन होना
  • स्वार्थ: केवल अपने लाभ की इच्छा
  • घृणा: किसी के प्रति अत्यधिक नकारात्मक भावना
  • विश्वास: किसी बात को सही मानने की भावना
  • शांति: तनाव या संघर्ष का अभाव
  • ब्राह्मांड: सम्पूर्ण सृष्टि