CLASS 8 . HINDI . मल्हार . नए मेहमान-उदयशंकर-भट्ट
Chapter 10 : नए मेहमान (उदयशंकर भट्ट )
Ch 10
HINDI
CLASS 8
उदयशंकर भट्ट का परिचय
उदयशंकर भट्ट उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में जन्मे एक प्रसिद्ध लेखक हैं। उनका परिवार साहित्यिक था, जिससे उन्हें बचपन से ही साहित्य में गहरी रुचि मिली। उन्होंने रेडियो के लिए अनेक नाटक लिखे और नाटकों तथा फिल्मों में अभिनय भी किया। वे कविता और उपन्यास के क्षेत्र में भी सक्रिय रहे, लेकिन नाटक और एकांकी के क्षेत्र में उन्हें विशेष प्रसिद्धि मिली। उनके प्रमुख कृतियों में "लोक-परलोक" उपन्यास और "पर्दे के पीछे" एकांकी संग्रह शामिल हैं।
मुख्य बिंदु
- उत्तर प्रदेश के इटावा में जन्म
- साहित्यिक परिवार से संबंध
- रेडियो नाटक लेखक और अभिनेता
- कविता, उपन्यास और नाटक में योगदान
- नाटक व एकांकी में विशेष प्रसिद्धि
अभ्यास प्रश्न
- उदयशंकर भट्ट का जन्म कहाँ हुआ था?
- उन्हें किस साहित्यिक क्षेत्र में विशेष प्रसिद्धि मिली?
- उनके प्रमुख कृतियाँ कौन-कौन सी हैं?
उत्तर कुंजी
- उत्तर प्रदेश के इटावा में।
- नाटक और एकांकी के क्षेत्र में।
- लोक-परलोक उपन्यास और पर्दे के पीछे एकांकी संग्रह।
शब्दावली
- एकांकी: एकअंक का नाटक जो एक ही दृश्य में होता है।
- नाटक: रंगमंचीय कृति जिसमें संवाद और अभिनय होता है।
नए मेहमान का सारांश
"नए मेहमान" उदयशंकर भट्ट द्वारा रचित एक एकांकी है, जो एक किराये के छोटे से मकान में रहने वाले मध्यमवर्गीय परिवार की गर्मी और असुविधाओं के बीच अचानक दो अनजान मेहमानों के आगमन की स्थिति को दर्शाता है। यह नाटक पारिवारिक जीवन की जटिलताओं, सामाजिक व्यवहार और मानवीय संवेदनाओं को सरल और प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करता है।
मुख्य बिंदु
- किराये के मकान में गर्मी और असुविधाएँ
- विश्वनाथ और रेवती का पारिवारिक जीवन
- दो अनजान मेहमानों का आगमन
- परिवार में उत्पन्न तनाव और समस्याएँ
- सामाजिक और पारिवारिक जीवन का चित्रण
पाठ्य प्रमाण
"ओफ, बड़ी गरमी है! (पंखा ज़ोर-ज़ोर से करने लगता है) इन बंद मकानों में रहना कितना भयंकर है! मकान है कि भट्टी!" - विश्वनाथ
"पत्ता तक नहीं हिल रहा है। जैसे साँस बंद हो जाएगी। सिर फटा जा रहा है।" - रेवती
हल किए गए उदाहरण
प्रश्न: "नए मेहमान" नाटक का मुख्य विषय क्या है?
उत्तर: यह नाटक एक मध्यमवर्गीय परिवार की गर्मी और असुविधाओं के बीच अचानक दो अनजान मेहमानों के आगमन से उत्पन्न परिस्थितियों को दर्शाता है। यह सामाजिक और पारिवारिक जीवन की जटिलताओं को उजागर करता है।
अभ्यास प्रश्न
- "नए मेहमान" नाटक का मुख्य विषय क्या है?
- विश्वनाथ और रेवती के बीच किस प्रकार की बातचीत होती है?
- नन्हेमल और बाबूलाल कौन हैं और वे कहाँ से आए हैं?
उत्तर कुंजी
- गर्मी और असुविधाओं के बीच अनजान मेहमानों के आगमन की स्थिति।
- गर्मी और असुविधा पर चर्चा, परिवार की परेशानियाँ।
- दो मेहमान जो बिजनौर से आए हैं।
त्वरित संदर्भ
- एकांकी: एक दृश्य में घटित नाटक।
- मध्यमवर्गीय परिवार की समस्याएँ।
- गर्मी और सामाजिक व्यवहार।
शब्दावली
- किराया: मकान या स्थान का भाड़ा।
- अतिथि: मेहमान।
- आगंतुक: आने वाला व्यक्ति।
पात्र परिचय
"नए मेहमान" के प्रमुख पात्र निम्नलिखित हैं, जिनका चरित्र और भूमिका नाटक की कहानी को आगे बढ़ाती है:
- विश्वनाथ: गृहपति, 45 वर्ष के, गंभीर स्वभाव के, गर्मी से परेशान।
- रेवती: विश्वनाथ की पत्नी, घरेलू महिला, गर्मी से पीड़ित।
- प्रमोद और किरण: विश्वनाथ के बच्चे, जो परिवार की दैनिक गतिविधियों में शामिल हैं।
- नन्हेमल और बाबूलाल: बिजनौर से आए दो मेहमान, जो किराये के मकान में ठहरते हैं।
- आगंतुक: रेवती का भाई, जो मकान खोजने आता है।
- पड़ोसी: जो मेहमानों से असहमत और परेशान रहता है।
हल किए गए उदाहरण
प्रश्न: विश्वनाथ का स्वभाव कैसा है?
उत्तर: विश्वनाथ गंभीर, परिवार के प्रति जिम्मेदार और गर्मी से परेशान व्यक्ति है। वह परिवार की भलाई के लिए चिंतित रहता है।
अभ्यास प्रश्न
- विश्वनाथ का स्वभाव कैसा है?
- नन्हेमल और बाबूलाल कौन हैं?
- रेवती का किरदार कैसे प्रस्तुत किया गया है?
उत्तर कुंजी
- गंभीर, परिवार के लिए चिंतित, गर्मी से परेशान।
- दो मेहमान जो बिजनौर से आए हैं।
- गृहिणी, परिवार की देखभाल करती हैं, गर्मी से पीड़ित।
शब्दावली
- गृहपति: घर का मुखिया।
- गृहिणी: घर की महिला।
- पड़ोसी: आस-पास रहने वाला व्यक्ति।
स्थान का वर्णन
यह नाटक भारत के किसी बड़े नगर के किराये के एक छोटे से मकान में घटित होता है। मकान में गर्मी की ऋतु है और रात के आठ बजे का समय है। कमरे में पूर्व की ओर दो दरवाजे हैं, एक दक्षिण की ओर बाहर जाने के लिए और एक पश्चिम की ओर भीतर जाने के लिए। कमरे में एक मेज, कुर्सियाँ, पलंग और एक पुराना पंखा है जो बहुत कम हवा देता है। मकान एक साधारण गृहस्थ का है जहाँ परिवार गर्मी से परेशान है।
मुख्य बिंदु
- भारत का बड़ा नगर
- किराये का छोटा मकान
- गर्मी की ऋतु, रात का समय
- कमरे का विवरण: दरवाजे, मेज, कुर्सियाँ, पलंग, पंखा
- परिवार की असुविधाएँ
अभ्यास प्रश्न
- नाटक का स्थान कहाँ है?
- कमरे में कौन-कौन सी वस्तुएँ हैं?
- गर्मी का प्रभाव पात्रों पर कैसे दिखाया गया है?
उत्तर कुंजी
- भारत के किसी बड़े नगर में किराये का छोटा मकान।
- दरवाजे, मेज, कुर्सियाँ, पलंग, पंखा।
- पात्र गर्मी से परेशान और असहज हैं।
शब्दावली
- ऋतु: मौसम।
- पंखा: हवा देने वाला यंत्र।
- पलंग: सोने का बिस्तर।
वार्तालाप एवं संवाद
नाटक में पात्रों के बीच संवाद बहुत ही जीवंत और यथार्थपूर्ण हैं, जो उनकी भावनाओं, परिस्थितियों और सामाजिक स्थिति को स्पष्ट करते हैं। विश्वनाथ और रेवती के बीच गर्मी और असुविधा पर चर्चा होती है, जबकि नन्हेमल और बाबूलाल के आगमन से परिवार में तनाव और उलझन उत्पन्न होती है। पड़ोसी का प्रवेश और उसकी शिकायतें भी कहानी में सामाजिक संघर्ष को दर्शाती हैं।
मुख्य बिंदु
- विश्वनाथ और रेवती के बीच गर्मी और असुविधा पर संवाद
- नन्हेमल और बाबूलाल के आगमन से उत्पन्न स्थिति
- पड़ोसी की शिकायतें और सामाजिक संघर्ष
- पात्रों के स्वभाव और भावनाओं का प्रदर्शन
पाठ्य प्रमाण
"ओफ, बड़ी गरमी है! (पंखा ज़ोर-ज़ोर से करने लगता है) इन बंद मकानों में रहना कितना भयंकर है! मकान है कि भट्टी!" - विश्वनाथ
"देखिए साहब, मेहमान आपके होंगे, मेरे नहीं। मैं यह बर्दाश्त नहीं कर सकता कि मेरी छत पर इस तरह गंदा पानी फैलाया जाए।" - पड़ोसी
हल किए गए उदाहरण
प्रश्न: पड़ोसी का व्यवहार नाटक में किस प्रकार प्रस्तुत किया गया है?
उत्तर: पड़ोसी का व्यवहार असहिष्णु और कठोर है। वह मेहमानों को स्वीकार नहीं करता और अपने स्वार्थ की चिंता करता है, जिससे सामाजिक संघर्ष उभरता है।
अभ्यास प्रश्न
- विश्वनाथ और रेवती के बीच किस विषय पर चर्चा होती है?
- नन्हेमल और बाबूलाल के आगमन से परिवार में क्या बदलाव आता है?
- पड़ोसी की शिकायतें क्या हैं?
उत्तर कुंजी
- गर्मी और असुविधा पर चर्चा।
- परिवार में तनाव और असुविधा बढ़ती है।
- मेहमानों के कारण छत पर गंदगी फैलना और असुविधा।
त्वरित संदर्भ
- सामाजिक संघर्ष
- पारिवारिक तनाव
- पात्रों के संवाद
शब्दावली
- सामाजिक संघर्ष: समाज में उत्पन्न विवाद या टकराव।
- असहिष्णुता: दूसरों की बात न मानना।
- स्वार्थ: केवल अपने लाभ की चिंता।
केंद्रीय भाव एवं विषय
"नए मेहमान" का केंद्रीय भाव सामाजिक और पारिवारिक जीवन की जटिलताओं को उजागर करना है। यह नाटक दिखाता है कि कैसे एक सामान्य परिवार में असुविधाएँ, गर्मी, और अनजान मेहमानों के आगमन से उत्पन्न तनाव जीवन को प्रभावित करते हैं। साथ ही, यह मानवीय संवेदनाओं, सहानुभूति और सामाजिक व्यवहार की परीक्षा भी करता है।
मुख्य बिंदु
- सामाजिक और पारिवारिक जीवन की जटिलताएँ
- गर्मी और असुविधा का प्रभाव
- अनजान मेहमानों के आगमन से उत्पन्न तनाव
- मानवीय संवेदनाएँ और सहानुभूति
- सामाजिक व्यवहार की आलोचना
अभ्यास प्रश्न
- नाटक का केंद्रीय विषय क्या है?
- गर्मी और असुविधा का पात्रों पर क्या प्रभाव पड़ता है?
- नाटक में सामाजिक व्यवहार की कौन-कौन सी समस्याएँ दिखाई गई हैं?
उत्तर कुंजी
- सामाजिक और पारिवारिक जीवन की जटिलताएँ और तनाव।
- पात्र गर्मी से परेशान और असहज हैं, जिससे उनके व्यवहार में बदलाव आता है।
- असहिष्णुता, स्वार्थ, और सामाजिक असमानता।
त्वरित संदर्भ
- सामाजिक आलोचना
- पारिवारिक तनाव
- मानवीय संवेदनाएँ
शब्दावली
- सहानुभूति: दूसरों के दुःख को समझना।
- असहिष्णुता: दूसरों की बात न मानना।
- सामाजिक असमानता: समाज में वर्गों के बीच भेदभाव।