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भारत-माता

CLASS 11-PCM . HINDI . आरोह . भारत माता

Chapter 8 : भारत माता

Ch 8

HINDI

CLASS 11-PCM

भारत माता का परिचय

भारत माता एक प्रतीकात्मक रूप है जो भारत देश की एकता और उसकी विविधता को दर्शाता है। यह नाम केवल एक भू-भाग या धरती के लिए नहीं, बल्कि उस देश के करोड़ों लोगों के लिए भी प्रयुक्त होता है। भारत माता की जय का अर्थ है भारत के सभी लोगों की जय। यह विचार पं. जवाहरलाल नेहरू के "हिंदुस्तान की कहानी" के पाँचवें अध्याय में स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया गया है।

मुख्य बिंदु

  • भारत माता का अर्थ केवल धरती नहीं, बल्कि देश के लोग भी हैं।
  • देश की एकता और विविधता का महत्व।
  • देश के विभिन्न हिस्सों में समान समस्याएँ और एक साझा नियति।
  • नेहरू जी का देश के विकास और एकता के प्रति समर्पण।

पाठ्य प्रमाण

"भारत माता दरअसल यही करोड़ों लोग हैं, और 'भारत माता की जय!' से मतलब हुआ इन लोगों की जय का।"

हल किए गए उदाहरण

नेहरू जी ने जलसों में जाकर किसानों को बताया कि कैसे देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोग एक ही नियति के भागीदार हैं। उन्होंने किसानों की समस्याओं जैसे कर्ज, ज़मींदारी, लगान आदि पर चर्चा की और बताया कि ये समस्याएँ पूरे देश में समान हैं।

अभ्यास प्रश्न

स्तर 1 – सरल

  • भारत माता का क्या अर्थ है?
  • नेहरू जी ने किसानों को किस प्रकार समझाया कि भारत एक है?

स्तर 2 – मध्यम

  • भारत माता की जय के नारे का क्या महत्व है?
  • नेहरू जी ने देश की एकता के लिए क्या संदेश दिया?

स्तर 3 – कठिन

  • पं. नेहरू के अनुसार भारत की एकता के आधार क्या हैं? विस्तार से समझाइए।
  • भारत माता के प्रतीकात्मक अर्थ पर चर्चा कीजिए।

उत्तर कुंजी

  • भारत माता का अर्थ है देश की धरती और उसके करोड़ों लोग।
  • नेहरू जी ने किसानों को बताया कि उनकी समस्याएँ पूरे देश में समान हैं, इसलिए भारत एक है।
  • भारत माता की जय का मतलब है देश के लोगों की जय। यह नारा देश की एकता और समृद्धि का प्रतीक है।
  • भारत की एकता के आधार हैं - सांस्कृतिक विरासत, साझा समस्याएँ, और देश के लोगों की एकजुटता।
  • भारत माता प्रतीक है देश की समृद्धि, एकता और उसके लोगों की।

त्वरित संदर्भ

  • भारत माता = देश की धरती + देश के लोग
  • जलसे = सभा या समारोह
  • भारत की एकता = सांस्कृतिक, सामाजिक और आर्थिक एकता

शब्दावली

  • सयाने - समझदार
  • गिज़ा - भोजन
  • नज़रिया - दृष्टिकोण
  • महदूद - सीमित
  • मसला - मुद्दा
  • यक-सा - समान
  • ढढ्ढे - बोझ
  • तब्दीलियों - परिवर्तन
  • जुज़ - भाग
  • कशमकश - उहापोह
  • हवाले - संदर्भ
  • कुतूहल - उत्सुकता
  • ताज्जुब - आश्चर्य
  • हट्टे-कट्टे - मजबूत कद-काठी वाला
  • अज़ीज़ - प्रिय
  • दरअसल - वास्तव में
  • जलसा - समारोह
  • धावा - आक्रमण

जवाहरलाल नेहरू का जीवन परिचय

जवाहरलाल नेहरू

जवाहरलाल नेहरू का जन्म सन् 1889 में इलाहाबाद (उत्तर प्रदेश) के एक संपन्न परिवार में हुआ था। उनके पिता एक बड़े वकील थे। नेहरू की प्रारंभिक शिक्षा घर पर हुई और उच्च शिक्षा इंग्लैंड के हेरो और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में प्राप्त की। उन्होंने वहीं से वकालत की पढ़ाई भी की।

गांधी जी के प्रभाव से वे स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय हो गए। सन् 1929 में वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के लाहौर अधिवेशन के अध्यक्ष बने और पूर्ण स्वतंत्रता की मांग की। नेहरू जी का झुकाव समाजवाद की ओर भी था।

सन् 1947 में भारत के स्वतंत्र होने पर वे पहले प्रधानमंत्री बने और देश के विकास में लगे रहे। उन्होंने आर्थिक, औद्योगिक, वैज्ञानिक, साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में कई योजनाएँ बनाईं। बच्चों के बीच वे "चाचा नेहरू" के नाम से प्रसिद्ध थे।

नेहरू जी शांति, अहिंसा और मानवता के समर्थक थे और उन्होंने विश्वशांति और पंचशील सिद्धांतों का प्रचार किया।

मुख्य बिंदु

  • जन्म: 1889, इलाहाबाद
  • प्रमुख रचनाएँ: मेरी कहानी, विश्व इतिहास की झलक, हिंदुस्तान की कहानी, आदि
  • स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका
  • पहले प्रधानमंत्री के रूप में देश के विकास में योगदान
  • शांति और पंचशील के समर्थक

पाठ्य प्रमाण

"नेहरू जी बच्चों के बीच चाचा नेहरू के रूप में जाने जाते थे।"

हल किए गए उदाहरण

नेहरू जी ने स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेकर देश की आज़ादी के लिए संघर्ष किया और बाद में प्रधानमंत्री बनकर देश के विकास के लिए कई योजनाएँ लागू कीं।

अभ्यास प्रश्न

स्तर 1 – सरल

  • जवाहरलाल नेहरू का जन्म कहाँ और कब हुआ था?
  • नेहरू जी को बच्चों के बीच किस नाम से जाना जाता था?

स्तर 2 – मध्यम

  • नेहरू जी ने स्वतंत्रता संग्राम में क्या भूमिका निभाई?
  • नेहरू जी के विकास के क्षेत्र में योगदान के उदाहरण दीजिए।

स्तर 3 – कठिन

  • नेहरू जी के विचारों में समाजवाद का क्या स्थान था? विस्तार से समझाइए।
  • नेहरू जी के शांति और पंचशील सिद्धांतों के प्रचार का महत्व बताइए।

उत्तर कुंजी

  • जवाहरलाल नेहरू का जन्म 1889 में इलाहाबाद में हुआ था।
  • वे बच्चों के बीच चाचा नेहरू के नाम से प्रसिद्ध थे।
  • नेहरू जी ने स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भाग लिया और 1929 में कांग्रेस के अध्यक्ष बने।
  • उन्होंने आर्थिक, औद्योगिक, वैज्ञानिक, साहित्य, कला और संस्कृति के क्षेत्र में विकास योजनाएँ बनाईं।
  • नेहरू जी शांति, अहिंसा और पंचशील सिद्धांतों के समर्थक थे।

त्वरित संदर्भ

  • जवाहरलाल नेहरू = स्वतंत्रता संग्राम के नेता और पहले प्रधानमंत्री
  • चाचा नेहरू = बच्चों के प्रिय नेता
  • पंचशील = पाँच सिद्धांतों का समूह जो शांति और सहयोग को बढ़ावा देता है

शब्दावली

  • संपन्न - समृद्ध
  • वकील - अधिवक्ता
  • प्रारंभिक - शुरूआती
  • झुकाव - रुचि या झुकाव
  • समाजवाद - समाज के समान अधिकारों और संसाधनों का वितरण
  • अधिवेशन - सभा
  • पंचशील - पाँच सिद्धांत
  • अंतरराष्ट्रीय - विश्व स्तर का

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