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घर-की-याद

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Chapter 11 : घर की याद

Ch 11

HINDI

CLASS 11-PCM

भवानी प्रसाद मिश्र का परिचय

भवानी प्रसाद मिश्र हिंदी के प्रसिद्ध कवि और साहित्यकार थे जिनका जन्म सन् 1913 में मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के टिगरिया गाँव में हुआ था। वे गांधीवाद के अनुयायी थे और राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई। मिश्र जी की कविताएँ सहज, लोकप्रिय और गांधी के चरखे की लय जैसी सरलता लिए होती हैं। उन्होंने कविता और गांधीजी के विचारों के बीच सेतु का काम किया। उनकी प्रमुख रचनाओं में "सतपुड़ा के जंगल", "सन्नाटा", "गीतफरोश" आदि शामिल हैं। उन्हें साहित्य अकादमी पुरस्कार, पद्मश्री और अन्य सम्मान प्राप्त हुए। उनका व्यक्तित्व और लेखन सहजता और गहराई का मेल है।

मुख्य बिंदु

  • जन्म: 1913, टिगरिया, होशंगाबाद
  • प्रमुख रचनाएँ: सतपुड़ा के जंगल, सन्नाटा, गीतफरोश आदि
  • प्रमुख सम्मान: साहित्य अकादमी, पद्मश्री, गालिब पुरस्कार
  • गांधीवाद पर आस्था और राष्ट्रीय आंदोलन में सक्रिय भूमिका
  • कविता की सहजता और लोकप्रियता

उदाहरण

"कुछ लिख के सो, कुछ पढ़ के सो तू, जिस जगह जागा सवेरे, उस जगह से बढ़ के सो" - यह पंक्ति उनकी सहज और प्रेरणादायक कविता शैली को दर्शाती है।

अभ्यास प्रश्न

  • भवानी प्रसाद मिश्र का जन्म कहाँ हुआ था?
  • उनकी प्रमुख रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?
  • मिश्र जी की कविता की विशेषता क्या है?

उत्तर कुंजी

  • मध्य प्रदेश के होशंगाबाद जिले के टिगरिया गाँव में।
  • सतपुड़ा के जंगल, सन्नाटा, गीतफरोश आदि।
  • उनकी कविता सहज, लोकप्रिय और गांधी के चरखे की लय जैसी सरलता लिए होती है।

शब्दावली

  • सहज: सरल, प्राकृतिक
  • गांधीवाद: महात्मा गांधी के विचार और सिद्धांत
  • राष्ट्रीय आंदोलन: भारत की स्वतंत्रता के लिए संघर्ष

कविता "घर की याद" का विश्लेषण

"घर की याद" भवानी प्रसाद मिश्र की एक मार्मिक कविता है जिसमें कवि ने जेल और प्रवास के दौरान घर से दूर रहने की पीड़ा को व्यक्त किया है। कविता में घर की याद, परिवार के सदस्य, माँ-पिता का स्नेह और बचपन की यादें जीवंत रूप में प्रस्तुत हैं। यह कविता घर की मर्मस्पर्शी संवेदना को उजागर करती है।

मुख्य बिंदु

  • कविता का विषय: घर से दूर रहने की पीड़ा और परिवार की यादें
  • कविता की केंद्रीय भावना: घर की ममता और अपनापन
  • पात्र: कवि, परिवार के सदस्य (चार भाई, बहिनें, माँ, पिता)
  • भावना: प्रेम, दुःख, अपनापन, सहनशीलता

पाठ्य प्रमाण

"आज पानी गिर रहा है, बहुत पानी गिर रहा है, रात भर गिरता रहा है, प्राण मन घिरता रहा है।"

"घर कि घर में चार भाई, मायके में बहिन आई, बहिन आई बाप के घर, हाय रे परिताप के घर!"

हल किए गए उदाहरण

प्रश्न: कविता में "घर" का क्या अर्थ है?
उत्तर: यहाँ "घर" केवल एक भौतिक स्थान नहीं है, बल्कि परिवार, प्रेम, अपनापन और बचपन की यादों का प्रतीक है।

अभ्यास प्रश्न

  • कविता में "परिताप" शब्द का क्या अर्थ है?
  • कविता में पिता जी का चरित्र कैसे प्रस्तुत किया गया है?
  • कविता की मुख्य भावना क्या है?

उत्तर कुंजी

  • परिताप का अर्थ है अत्यधिक दुःख।
  • पिता जी को एक सक्रिय, प्रेमपूर्ण और धीर पुरुष के रूप में दिखाया गया है जो दुःख में भी हिम्मत नहीं हारते।
  • कविता की मुख्य भावना है घर की याद और परिवार के प्रति प्रेम।

शब्दावली

  • परिताप: अत्यधिक दुःख
  • स्नेह-धारा: प्रेम की निरंतर प्रवाह
  • मुगदर: एक प्रकार का हथियार
  • नैन जल: आँसू

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