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जामुन-का-पेड़

CLASS 11-PCM . HINDI . आरोह . जामुन का-पेड़

Chapter 7 : जामुन का पेड़

Ch 7

HINDI

CLASS 11-PCM

कृष्णचंदर का परिचय

कृष्णचंदर सन् 1914 में पंजाब के वज़ीराबाद गाँव (ज़िला-गुजरांवाला) में जन्मे एक प्रमुख उर्दू कहानीकार थे। उन्होंने अपनी प्राथमिक शिक्षा पुंछ (जम्मू एवं कश्मीर) में प्राप्त की और उच्च शिक्षा के लिए सन् 1930 में लाहौर के फॉरमेन क्रिश्चियन कॉलेज में प्रवेश लिया। 1934 में पंजाब विश्वविद्यालय से अंग्रेज़ी में एम.ए. किया। बाद में उनका जुड़ाव फ़िल्म जगत से हो गया और वे अंतिम समय तक मुंबई में रहे।

कृष्णचंदर प्रगतिशील लेखक संघ से जुड़े थे और उनकी रचनाओं में यथार्थवादी दृष्टिकोण स्पष्ट रूप से झलकता है। वे उपन्यास, नाटक, रिपोर्ताज और लेख भी लिखते थे, लेकिन उनकी पहचान मुख्यतः कहानीकार के रूप में हुई। उनकी प्रमुख रचनाओं में "महालक्ष्मी का पुल" और "आईने के सामने" जैसी कहानियाँ शामिल हैं। उन्हें साहित्य अकादमी सहित कई पुरस्कार प्राप्त हुए।

मुख्य बिंदु

  • जन्म: 1914, पंजाब के वज़ीराबाद गाँव
  • प्रमुख रचनाएँ: उपन्यास, कहानियाँ, नाटक
  • प्रगतिशील लेखक संघ से संबंध
  • यथार्थवादी और काव्यात्मक शैली
  • साहित्य अकादमी पुरस्कार

पाठ्य प्रमाण

"प्रेमचंद के बाद जिन कहानीकारों ने कहानी विधा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया, उनमें उर्दू कथाकार कृष्णचंदर का नाम महत्वपूर्ण है।"

अभ्यास प्रश्न

  • कृष्णचंदर का जन्म कहाँ हुआ था?
  • उनकी प्रमुख रचनाएँ कौन-कौन सी हैं?
  • कृष्णचंदर की लेखन शैली कैसी थी?

उत्तर कुंजी

  • पंजाब के वज़ीराबाद गाँव में।
  • उपन्यास, कहानियाँ, नाटक।
  • प्रगतिशील और यथार्थवादी।

शब्दावली

  • प्रगतिशील: जो समाज सुधार के पक्ष में हो।
  • यथार्थवादी: वास्तविकता पर आधारित।
  • काव्यात्मक: कविता जैसी सुंदरता वाली।

"जामुन का पेड़" का सारांश

"जामुन का पेड़" कृष्णचंदर की एक प्रसिद्ध हास्य-व्यंग्य कथा है, जो सरकारी कार्यालयों की जटिल और अमानवीय व्यवस्था पर व्यंग्य करती है। कहानी में एक जामुन का पेड़ गिर जाता है और उसके नीचे एक आदमी दब जाता है। माली, चपरासी, क्लर्क, सुपरिंटेंडेंट आदि अधिकारी पेड़ को हटाने के लिए फ़ाइलें घुमाते रहते हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती। विभिन्न विभाग एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालते हैं। अंततः आदमी की जान खतरे में पड़ जाती है, लेकिन सरकारी तंत्र की जटिलता और कागजी कार्रवाई के कारण उसे बचाया नहीं जा पाता।

मुख्य बिंदु

  • हास्य-व्यंग्य शैली
  • सरकारी तंत्र की जटिलता और अमानवीयता
  • विभागों के बीच जिम्मेदारी टालमटोल
  • आदमी की पीड़ा और व्यंग्यपूर्ण अंत

पाठ्य प्रमाण

"माली ने दबे हुए आदमी से कहा, 'तुम्हारी फ़ाइल चल रही है, उम्मीद है कल तक फ़ैसला हो जाएगा।'"

हल किए गए उदाहरण

प्रश्न: कहानी में जामुन के पेड़ का गिरना क्या प्रतीक है?
उत्तर: यह सरकारी तंत्र की जटिलता और उसकी संवेदनहीनता का प्रतीक है, जहाँ एक आदमी की जान भी कागजी कार्रवाई में फंस जाती है।

अभ्यास प्रश्न

  • कहानी में जामुन का पेड़ गिरने के बाद क्या घटनाएँ हुईं?
  • सरकारी विभागों की भूमिका पर टिप्पणी करें।
  • कहानी का मुख्य संदेश क्या है?

उत्तर कुंजी

  • पेड़ गिरने के बाद अधिकारी फ़ाइलें घुमाते हैं, कोई कार्रवाई नहीं होती।
  • विभाग जिम्मेदारी टालते हैं और अमानवीय व्यवहार करते हैं।
  • सरकारी तंत्र की जटिलता और संवेदनहीनता को उजागर करना।

शब्दावली

  • झक्कड़: तेज़ आँधी
  • रुआँसा: रोने जैसा
  • ताज्जुब: आश्चर्य
  • हॉर्टीकल्चर: उद्यान कृषि
  • एग्रीकल्चर: कृषि
  • तगाफ़ुल: उपेक्षा, विलंब

कहानी के केंद्रीय भाव एवं विषय

"जामुन का पेड़" कहानी में मुख्य रूप से सरकारी तंत्र की जटिलता, अमानवीयता और कागजी कार्रवाई की व्यर्थता को दर्शाया गया है। कहानी व्यंग्य के माध्यम से यह बताती है कि कैसे एक आदमी की जान भी सरकारी विभागों के बीच जिम्मेदारी टालने और निर्णय लेने में देरी के कारण खतरे में पड़ जाती है। यह कहानी समाज में व्याप्त प्रशासनिक भ्रष्टाचार और संवेदनहीनता पर कटाक्ष करती है।

मुख्य बिंदु

  • सरकारी तंत्र की जटिलता
  • जिम्मेदारी टालना
  • मानव जीवन की अनदेखी
  • व्यंग्य और हास्य का प्रयोग

पाठ्य प्रमाण

"यह देखिए, अगर इस आदमी को ठीक बीच में से काटा जाए तो आधा आदमी इधर से निकल आएगा, आधा आदमी उधर से बाहर आ जाएगा और पेड़ वहीं का वहीं रहेगा।"

अभ्यास प्रश्न

  • कहानी में व्यंग्य का क्या महत्व है?
  • सरकारी तंत्र की कौन-कौन सी कमियाँ कहानी में उजागर हुई हैं?
  • कहानी का सामाजिक संदर्भ क्या है?

उत्तर कुंजी

  • व्यंग्य से कहानी की गंभीर समस्या को रोचक और प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया गया है।
  • जिम्मेदारी टालना, संवेदनहीनता, कागजी कार्रवाई की जटिलता।
  • सरकारी तंत्र में सुधार की आवश्यकता और मानवता की रक्षा।

शब्दावली

  • व्यंग्य: कटु हास्य
  • संवेदनहीनता: दूसरों की पीड़ा न समझना
  • कागजी कार्रवाई: दस्तावेज़ी प्रक्रिया

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